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ममता के नोट बंदी विरोध के पीछे का असली सच

Posted On: 7 Dec, 2016 Others में

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जय श्री राम जबसे प्रधानमंत्री मोदीजी ने नोट बंदी का ऐलान किया काले धन रखने वालो की नीद उड़ गयी लेकिन जिस तरह से नेताओं ने इस पर विरोध किया व चौकाने वाला था.क्योंकि चुनाव में काले धन के बल पर बहुत नेता जीतने की कोशिश करते .ज्यादातर नेता जनता के परेशानी का हवाला दे कर विरोध कर रहे वे कहते की वे काले धन के समर्थन में नहीं लेकिन इससे जनता को जो तकलीफ हो रही उससे ये लगता की सरकार ने पुरी तैयारी नहीं की !इस मुद्दे को लेकर दोनों सदनों में लोई काम नहीं हो रहा लेकिन पच्छिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जिस तरह का विरोध कर रही जो शब्द इस्तेमाल कर रही प्रधानमंत्री के लिए और इस फैसले को वापस लेने की मांग के साथ ये  भी कह दिया की जब तक ये फैसला वापस नहीं होते वे विरोध पुरे देश में करती रहेगी.उन्होंने तो ये तक कह दिया की मोदी में प्रधानमंत्री बन्ने की काबीलियत नहीं और वे मोदी को राजनीती से हटा कर ही चैन लेंगी !इसके पीछे जो कारण है उसे समझना बहुत जरूरी है !उसके प्रदेश में 27% मुस्लिम है और बहुत से बंगलादेशी अवैध  रूप से रह रहे बांग्लादेश की सीमा से लगे रहने के कारण वहां से जाली नोट देश में पकिस्तान द्वारा भेजे जाते जो देश की अर्थ व्यवस्था को नस्ट करने के साथ आतंकवादी संगठनो के काम में आते !प्रदेश में चिट  फंड शारदा ऐसे बड़े घोटाले हुए जिसमे लाखो गरीब लूट लिए गए और ममता की पार्टी के नेताओ ने खूब धन कमाया बहुत से फंसे है कुछ जेल गए कुछ के खिलाफ केस चल रहा है.!मालदा में बहुत बड़े भाग में अफीम की खेती होती और सीमा के 4 जिले मुस्लिम बहुल है जहाँ दशहरे मुहर्रम में हिन्दू मुस्लिम दंगे हुए और बहुत सी दुकाने,घर जला दिए गए या तोड़ फोड़ कर नुक्सान पहुंच्या गया जिसकी वजह से हिन्दुओ को भागकर दुसरी जगह शरण लेनी पडी !वीरभूमि के पास कई गावो में रामलीला की इज़ाज़त नहीं क्योंकि मुस्लिम विरोध करते और कई बार अनुरोध करने पर इज़ाज़त नहीं मिली जिससे वे लोग दुसरे गावो में जा कर मनाते है !इस बार दुर्गापूजा में मूर्ती विसर्जन शाम 5 बजे के बाद बंद कर दिया गया क्योंकि अगले दिन मुहर्रम था यदपि वहां की हाई कोर्ट ने इसे अवैध ठहराया था!प्रदेश के सभी इमामो और मस्जिदों के देखभाल करने वालो को सरकारी खजाने से तनख्वाह मिलती है और ममता हिजाब पहन कर मुस्लिमो की सभा में जाती इसतरह मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति अपनी जा रही.सीमा पर 4 जिले है हुगली,24 परगना,मालदा और पच्छिम मेहंदीपुर जहां पर बहुत दंगे होते क्योंकि ये मुस्लिम बहुल है.इसी मालदा में जन. में 2.5 लाख मुस्लिमो ने एक विरोध प्रदर्शन किया था की किसी ने उत्तर प्रदेश में मोहम्मद जी के बारे में कुछ अपशब्द कहे थे जिसमे पुलिस चौकी पर हमला किया हिन्दुओ के मकान जलाये गए और लूटपाट हुई थी लेकिन मुस्लिमो के खिलाफ पुलिस और प्रशन चुप रहता क्योंकि वे चुनाव में ममता की पार्टी को वोट देते है !मुस्लिम युवालो को सरकार का पूरा संरक्षण मिला है इसीलिये सीमा से जानवरों,सोना ड्रग्स ,औरते,लडकीया और नकली नोटों की तस्करी होती है खुले आम नकली नोट चलते !मालदा के कालोचक्र में 80% मुस्लिम आबादी है वहां का बाज़ार देश का सबसे बड़ा नकली नोटों का अड्डा है!सीपीएम सांसद सलीम ने बताया की उत्तरी  दीनापुर के रायगंज गाव में जो देश का सबसे  गरीब इलाका है 9-१३ नवम्बर तक ४६ करोड़ रुपये जमा हुए.!इसी मुस्लिम तुष्टीकरण के कारण ट्रिपल तलाक के पक्ष में ममता है.!२००९ के चुनावो ने मुस्लिमो ने आँख मूँद कर ममता को वोट देकर सत्ता में पहुँचाया इसलिए उनके लिए सभी खून माफ़ है और इसी तरह के कालेधन के लिए ममता हल्ला मचा रही.!केजरीवाल और ममता को छोड़ कर किसी ने भी नोट बंदी के फैसले को वापस करने की मांग उठाई !पहले कई दिन तक प्रदेश में जनसभाए करके इसका विरोध किया फिर दिल्ली आई यहाँ पर किसी से समर्थन नहीं मिला इसलिए केवल ओमर अब्दुल्लाह के साथ राष्ट्रपति से मिलकर विरोध दर्शाया और एक संयुक्त सभा दिल्ली में केजरीवाल के साथ की जहाँ भी विरोध हुआ.!इसके बाद लखनऊ में जनसभा की जहाँ पर भी संमर्थन नहीं मिला!मुख्यमंत्री अखिलेश हवाई अड्डे लेने गए परन्तु विरोध सभा में एक जूनियर मंत्री को भेज दिया जिससे नाराज हो गयी फिर पटना में गयी !नितीश नोटबंदी का समर्थन कर रह इसलिए न तो खुद गए न ही किसी मंत्री को भेजा और न ही कोइ सभा में गया लालू भी नहीं गए इतनी गुस्सा हुयी की नितीश को गद्दार तक कह दिया जिसका जवाब नितीश के दल के नेताओं ने दे दिया की ममता चित फंड और दुसरे घोटालो का जवाब दे.!पटना से लौटने वक़्त एअरपोर्ट खाली न होने की वजह से कुछ देर से प्लेन उतरा तो कह दिया की मोदी की साजिस उन्हें मारने की थी.!इसके बाद प्रदेश विधान सभा में एक प्रस्ताव पास करवाया जिसमे इस  नोट बंदी को वापस लेने की बात कही और मोदीजी के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया !सेना प्रदेशो में पुलिस की मदद से कुछ चेकिंग करती जो नियमित होता कोलकाता में भी ऐसी चेकिंग सेना ने 2 दिन की जिसकी सूचना पुलिस को दे दी गयी थी.लेकिन इसपर बिना पता लगाये कह दिया की सेना तख्ता पलट के लिए आई है और कहा की जबतक सेना नहीं हटेगी वे ऑफिस में ही रहेगी 36 घंटे रही झूठ  तब पकड़ा गया जब सेना और रक्षामंत्री ने सब बताया और कहा की ऐसा कई प्रदेशो में हुआ है.!ये सब उसके पागलपन को दर्शाता !असल में इस्ला मतलब है की ममता २०१९ में होने वाले चुनाव में अपने को विपक्षी नेताओ में प्रधानमंत्री की दौड़ में अपने को मजबूत प्रत्याशी दीखाना चाहती जिसके लिए ये सब नाटक है!अभी भी प्रदेश में पदयात्रा और जन सभाए कर विरोध कर रही.इसका एक और मतलब मुसलमानों को सन्देश देना की हम तुम्हारे साथ है!अब अपने लोगो से कह कर GST का भी विरोध करवाना शुरू कर दिया और हर मामले में इसके सांसद संसद में विरोध करते नज़र आते है जो देश के विकास को रोकने के साथ ही जनता के पैसे की बर्बादी है!28 नवम्बर को  आक्रोश दिवस मनाया !इसकी बौखलाहट इतनी है की कहती मोदी देश की अर्थव्यवस्था को चौपट कर विदेश भागने की कोशिश में है !ये सब राजनीती जनता और गरीबो के नाम पर कर रही और इसे अघोषित आपदकाल कह दिया.!उसकी मुस्लिम तुष्टीकरण की वजह से कांग्रेस वामदल कमज़ोर हो रहे और बीजेपी की ताकत बढ़ रही जिससे  ममता को और नाराज़ कर दिया.ममता ने कांग्रेस की युवा शाखा से अपनी राजनीती शुरू की शुरुहात की थी 7 बार सांसद चुनी गयी.लेकिन उनकी प्रसिद्धी तब हुई जब उन्होंने १९८४ में सोमनाथ चटर्जी को चुनाव में हरा का सांसद बनी.शुरू में चाय बेचा करती थी.सिंगुर नंदीग्राम ज़मीन को इंडस्ट्रीज लगाने के लिए विरोध कर चर्चा में और किसानो की प्रिय बन गयी.!जब उन्होंने लगा की कांग्रेस वाम दलों को हटाना नहीं चाहती तो उन्होंने १९९३ में अलग दल त्रिमूल कांग्रेस (TMC) बनाई.!उन्होंने कभी कांग्रेस के साथ गटबंधन में रही कभी वाजपई जी के एन दी ऐ में रही और रेल मंत्री भी बनी.!अटलजी के समय गोबन्दी का प्रस्ताव संसद में आया उम्मीद थी पास हो जाएगा लेकिन ममता ने विरोध किया और प्रस्ताव पास न हो सका.२०११ में नारा दिता माँ,माटी और मानुष और 35 साल के वाम दलों के शासन को हरा कर अपनी सरकार बना पहली महिला मुख्यमंत्री बनी.देश की सेना अपने कर्तव्यों और सेना सेव से लोगो का दिल जीत चुकी है और ऐसे पर सेना पर ओचे आरोप लगाकर ममता ने बहुत बड़ी राजनैतिक भूल की जिसकी कीमत उसे चुकानी पड़ेगी लेकिन ये दर्शाता की किस तरह हमारे कुछ नेता अपनी कुर्सी के लिए देश के साथ खिडवाल कर सकते ममता के इन कारनामो ने देश की राजनीती का स्तर बहुत गिरा दिया.!

रमेश अग्रवाल -कानपुर                                                                                                                                                                                        18_11_2016-18tmc (1)2016_12$largeimg06_Dec_2016_050255500images (15)mamata_eid1



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