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ompratapsingh


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तो क्या मोदी प्रचार करना छोड़ दें !

Posted On: 17 Feb, 2014  
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ओ कृष्णा तुझे क्या हो गया….

Posted On: 18 Apr, 2013  
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… आखिर इन्हें भी अधिकार है…….

Posted On: 18 Apr, 2013  
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तो सुनामी आ जाएगी

Posted On: 9 Apr, 2013  
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खिलाड़ियों का ‘खेल’

Posted On: 31 Mar, 2013  
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ये है असली ‘हिम्मतवाला’

Posted On: 30 Mar, 2013  
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क्षेत्रिय दल कितने खतरनाक

Posted On: 29 Mar, 2013  
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Others पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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के द्वारा: ompratapsingh ompratapsingh

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के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

के द्वारा: Ashish Mishra Ashish Mishra

के द्वारा: yatindranathchaturvedi yatindranathchaturvedi

वर्तमान राजनीति, विसंगति और भावी संकेत पर प्रभावी आलेख; साधुवाद एवं सद्भावनाएँ ! ज्योतिपर्व की मंगल कामनाएँ ! " एक ऐसा समय था कि राजनीति के धूरंधरों को राष्ट्रपिता, महात्मा, लौहपुरुष, चाचाजी आदि कहकर संबोधित किया जाता था….. आज भी उन्हें इसी नाम या कहे कि उपनाम से पुकारा जाता है। लेकिन आज स्थिति कुछ और है….. नेताओं को पेंडूलम से लेकर मौनी बाबा, रावण और लहू पुरुष आदि के नाम से पुकारा जाने लगा है। इन सभी बातों से साबित होता है कि राजनेताओं का मानसिक स्तर गिरता जा रहा है और वो जनता की भलाई ना सोचकर बस एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करने में ही जुटे रहते है और कोई अगर इनके खिलाफ आवाज उठाता भी है तो या तो उसे कानूनी नोटिस भेज दिया जाता है या फिर जेल में भर दिया जाता है या फिर उसका तबादला करवा दिया जाता है।"

के द्वारा: Santlal Karun Santlal Karun

साहब, एक उंचाई होती है, हाईट । भारत कभी स्वाभिमान, सांस्कृतिक,नैतिकता की उंचाई पर था । तब कीसेने कोइ बूरा काम किया या घोटाला किया तो हंगामा होता था । अब वो हाईट नही रही । अन्ना और केजरीवाल जैसे आदमी लारी ले के रोड पर निकल पडे हैं घोटाला ले लो घोटाला ! ९९ % डिस्काउंट मे बहुत से घोटाले बेच दिये । सब को चोर बता दिया, और खूद को शरीफ बता दिया । जनता घोटाले से उब चुकी है । फेसबूक जैसी साईटने भी अपना असर छोडा है । किसीको कुछ भी कह दो ! ये सब तो कोमन है । ये कोमन चीज बडी खतरनाक है । देशमें बलात्कार हो तो कोमन है, खून खराबा तो कोमन है, घोटालों को तो कोमन कर ही दिया है । घोटालेबाज जेलसे छुट कर वापस मंत्री बन जाये वो भी कोमन है । कोमन चीज को कोइ सिरियसली नही लेता ।

के द्वारा: bharodiya bharodiya

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