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सुमित के तड़के - SUMIT KE TADKE

सन्डे रिस्क

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सुमित के तड़के - SUMIT KE TADKE

गुलाम या आज़ाद

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व्यंग्य : एक पत्र रायते के नाम

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व्यंग्य : अगला विश्वयुद्ध पार्किंग के लिए

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यादगार रहा विश्व पुस्तक मेला 2016

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लघुकथा : फ़िक्र

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कविता : अब वक़्त लात का आया है

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जिले-नफे : पठानकोट हमले का कारण

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कविता : मन का बादशाह

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कविता : सपने

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छोटे शहर के बड़े दाज्यू

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व्यंग्य : सच्ची श्रद्धांजलि

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सावधान! पुलिस मंच पर है का लोकार्पण नौ को

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व्यंग्य : सहिष्णुता की खोज

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कविता : रावण तुमको मरना होगा

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कविता : खूनी दरवाजा

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कविता : परिवर्तन

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हिसाब (लघु कथा)

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कविता : मित्र

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व्यंग्य: जुग-जुग जियें मुन्ना भाई

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