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जिसने खुद को है पहचाना

Posted On: 7 Sep, 2016 Others में

आकाश महेशपुरीJust another Jagranjunction Blogs weblog

आकाश महेशपुरी

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गीतिका-

जिसने खुद को है पहचाना
उसके आगे झुका जमाना

दुनिया में तो दुख हैं लाखों
फिर भी इनसे क्या घबराना

लोग भला क्यों दंभी होते
जब साँसों का नहीं ठिकाना

यार कहो अच्छा है लेकिन
देखो बंदा है अनजाना

मयखाने में ज्वाला पीकर
भूल गये हैं घर को जाना

उनको भी ”आकाश” खिलाओ
पैदा करते हैं जो दाना

गीतिका- आकाश महेशपुरी
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वकील कुशवाहा “आकाश महेशपुरी”
ग्राम- महेशपुर, पोस्ट- कुबेरस्थान, जनपद- कुशीनगर

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