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डीजीपी का स्पष्टीकरण

Posted On: 16 Jun, 2015 Others में

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डीजीपी कार्यालय ने घूस नहीं देने और बहस करने के कारण एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने वाले दारोगा(सहायक थाना प्रभारी जिसके नाम के साथ शिकायत की गई थी) से स्पष्टीकरण मांगने के बजाय एक अन्य मामले में निलंबित किए जाने के कारण उस दारोगा के जगह पर आए नए दारोगा(सहायक थाना प्रभारी) से स्पष्टीकरण मांग दिया है।मैंने जबरन गिरफ्तार किए व्यक्ति का जमानत पर रिहा होने के बाद उस दारोगा के विरुध्द आवेदन तैयार कर डीजीपी और मानवाधिकार आयोग को भेजवाया था लेकिन उस पद पर आए नए दारोगा से स्पष्टीकरण मांग दिया गया है।उस दारोगा ने जेल भेजने के नियत से ही IPC का धारा 307 जोड़वा दिया क्योंकि आवेदन पर सूचिका का अंगूठा का निशान के सामने और नीचे तक छोटे-छोटे अक्षरों में मिट्टी तेल छिड़ककर जलाने का प्रयास करने का आरोप लिखा है जो निशान देने के बाद जोड़ा गया है।दारोगा ने Memo of Arrest कोर्ट नहीं भेजा जिसपर गिरफ्तारी की सूचना जिस रिश्तेदार को दी जाती है उसका हस्ताक्षर समेत अन्य ब्यौरा रहता है।नए दारोगा ने फोन पर बात करने के दौरान मुझे कहा कि दारोगा के पास गिरफ्तार करने का व्यापक शक्ति है।मैंने कहा कि बगैर साक्ष्य का गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।

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शायद एक अफवाह जवाहर नवोदय विद्यालय,समस्तीपुर में फैल गयी है।रवि रंजन,चिरंजीवी राय(विद्यालय का प्राचार्य) का बेटा को मेरी शिकायत पर मेडिकल कॉलेज से निकाल दी जाने की अफवाह फैल गयी है।
मैंने केन्द्रीय सतर्कता आयोग में शिकायत किया था कि NEET-UG 2013 में 18077 रैंक रहने के बावजूद एक अच्छे मेडिकल कॉलेज में नामांकन गलत तरीके से हुआ है।रवि रंजन ने CBSE से PCM में बारहवीं पास कर JEE(MAIN) का फॉर्म भरा था(हालांकि जुगाड़ नहीं बैठने के कारण टेस्ट नहीं दिया) और NIOS से PCB में बारहवीं पास कर NEET का परीक्षा दिया था।एक साथ दो बोर्ड और दो प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल कर मेडिकल और इंजीनियरिंग दोनों का फॉर्म भरना धोखाधड़ी है।

केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी को जांचोपरांत प्रतिवेदन समर्पित करने के लिए आदेशित किया था जिसे मंत्रालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी ने मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी को जांच कर प्रतिवेदन समर्पित करने भेज दिया था।मैंने मंत्रालय में सूचना आवेदन दायर कर कृत कार्रवाई की जानकारी मांगा है।

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फेसबुक को रिपोर्ट करने पर तीन अश्लील वीडियो को फेसबुक से हटा दिया गया लेकिन महात्मा गाँधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी से संबंधित एक पोस्ट को हटाने से फेसबुक ने मना कर दिया।
मेरे द्वारा रिपोर्ट करने पर 13 अप्रैल 2015 को फेसबुक ने एक अश्लील वीडियो को हटाया जो मेरा ग्रुप KNOW THE LAW,SAVE THE SOCIETY में अपलोड कर दिया गया था।इस पोस्ट को डिलीट करने का विकल्प नहीं आ रहा था।
एक पोस्ट में मुझे टैग की गई थी जिसे मैंने अनटैग करने के बाद रिपोर्ट किया था जिसमें महात्मा गाँधी के बारे में कहा गया था कि यदि तुम चाहते तो लाल किला पर भगवा फहरा देते,तिब्बत पर भी झंडा लहरा देते आदि।18 मई 2015 को फेसबुक ने इसे हटाने से मना कर दिया।
एक अश्लील वीडियो में मुझे टैग कर दिया गया था जिसे अनटैग करने के बाद फेसबुक को रिपोर्ट करने पर 6 जून 2015 को वीडियो को हटा दिया गया।टैग करने वाले फेसबुक मित्र के वॉल पर कुछ और अश्लील वीडियो पाया गया,जिसमें सर्वप्रथम एक वीडियो को रिपोर्ट करने के बाद उसे 9 जून को हटा दिया गया।अन्य वीडियो भी उस वॉल से गायब है।संभवतः फेसबुक ने खुद हटा दिया या उस मित्र ने और भी रिपोर्ट किए जाने के संशय से खुद हटा लिया।

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