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khwab

Posted On: 30 Apr, 2011 Others में

zindggikuch raz dil ke

aanchsaroha

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33 Comments

तुम कहते हो ना
कांच टूट कर भी
कांच ही रह जाता है
मगर ख्वाब कभी नहीं….

तुम ही आके समझाओ
इसको,
मेरी आँखों की बाहों में
तोडा है
दम जिसने ..
यह दिल अब भी
उसे ख्वाब कह
रहा है…..

—-आंच—-

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