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अफवाहों पर नकेल आवश्यक

Posted On: 10 Jun, 2020 Hindi News में

अभिनव त्रिपाठीAnalysis Detailed

Abhinav Tripathi

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अभिनव त्रिपाठी
आज जब हमारा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है साथ ही सरकार,प्रशासन समेत सभी नागरिक अपने दायित्व का निर्वहन कर अपने तथा दुसरे के सहयोग में लगे है और एक परस्पर सहयोग की भावना दिखा रहे है एवं इस महामारी के दौरान एक दुसरे को बचा भी रहे है तो वही खुद भी सलामती की दुआ मांग रहे है.समूचे राष्ट्र में इन दिनों लॉक डाउन चल रहा है और इस संकट की घडी में सरकार अनेक माध्यमो से जनता से जुड़ने का प्रयत्न कर रही है जिसमे सबसे सरल उपाय लोगो तक पहुचने का है सोशल मीडिया का माध्यम, सरल भी है , सुगम भी है.

 

 

इस माध्यम के द्वारा सरकारी अथॉरिटी की अनेक जानकारिया,गाइडलाइन्स इत्यादि जन तक पहुचने का कार्य किया जा रहा कारण केवल एक है कम समय में लोगो तक पहुँच, परन्तु इस माध्यम का आवश्यकता से अधिक दुरूपयोग भी देखने को मिल रहा है.अराजक तत्व लोगों को भ्रामक जानकारी,सन्देश,पहुंचाकर अधिकतर लोगो के बिच भयावहता,कट्टरता,गलतफहमिया भरने का काम कर रहे है और ये सन्देश जानकारी की कमी होने के कारण लोगो के मध्य तेज़ी से वायरल हो रहे है,सोशल मीडिया का नकरात्मक पहलु यहां आकर फंस जाता है की सकारत्मक तथ्यों के बजाये नकारात्मकता और भय की तस्वीर यहा जल्दी भावी हो जाती है.

 

 

 

अब जब कि हम पूर्ण रूप से तकनीक पर आधारित है तो सरकार का कर्तव्य बनता है कि इस विषय को संज्ञान में लेकर इसके ऊपर टिप्पनी करे.परन्तु प्रश्न उठ कर खड़ा यह ये हो जाता है की क्या सत्ता,प्रशासन इस समस्या को नज़रंदाज़ इसलिए कर रहा है की ये बहुत जरुरी विषय नही है या फिर सरकारी तंत्र इस विषय से लड़ने में बेबस है और क्षमताविहीन होने के कारण हाथ लगाना उचित नही समझता चुकी देश सोशल मीडिया के नकरात्मक पहलुओ पर नकेल समय की मांग इसलिए है क्यों कि आज जब कठिन समय से देश गुज़र रहा है तो सोशल मीडिया ही सुगम माध्यम बन कर सामने आ रहा है.

 

 

 

इस समय जब राष्ट्र के हर एक नागरिक से जब संवाद जरुरी हो जाता है तब कुछ अराजकतत्व अफवाहों के चंगुल में लोगो को जकड़ने की मनसा को लेकर सामने आते है और इस बिच सही और सटीक जानकारी लोगो तक पहुँच जाये ये एक विकत समस्या है अगर इसे ऑनलाइन भ्रस्ताचार का नाम दिया जाये तो गलत बिलकुल नही होगा. यहाँ पर अवश्यक ये हो जाता है की सत्ता सम्भालने वाली सरकार को इस समस्या के विरुद्ध कानून लेन की जरुरत है जिससे न केवल अफ्वाफो पर रोक लगेगी अपितु भ्रामक जानकारी फेक न्यूज़ मिलना बंद हो लोगो तक सही सटीक जानकारी पहुचेगी साथ ही बिना हिचके लोग इस मीडिया माध्यम का भरपूर आनंद ले सकेंगे.

 

 

 

 

डिस्क्लेमर : उपरोक्त विचारों के लिए लेखक स्वयं उत्तरदायी हैं। जागरण जंक्शन किसी भी दावे या आंकड़े का समर्थन नही करता है।

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