blogid : 17203 postid : 712999

गजल

Posted On: 6 Mar, 2014 Others में

kavita Just another Jagranjunction Blogs weblog

acharyashivprakash

44 Posts

42 Comments

प्यार मुझको मिला ना कहर मिल गया |
मेहर की चाह थी पर जहर मिल गया ||

हाय क्या मै कहूं और किससे कहूँ ?
दर्द का भी नया इक शहर मिल गया ||

कट गया दिल मेरा हाय है किस कदर |
यार को काटने का हुनर मिल गया ||

मै जलूं प्यार की आग में कब तलक ?
अब मुझे हार का हमसफ़र मिल गया ||

बेवफ़ा वो हुए मै रहा बेखबर ………|
बददुआ का कोई सित्मगर मिल गया ||

आशियाना मेरा जल गया है मगर |
यार को रोशनी का असर मिलगया ||

प्रेम आराधना प्रार्थना शिव ने की ?
कर दिया होम सब फल जहर मिलगया ||

Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग