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पानी की भाषा में आँखें बातें करती हैं

Posted On: 8 Feb, 2016 Others में

Achyutam keshvamहम समय शम्भु के चाप चढ़े सायक हैं. हम पीड़ित मानवता के नव नायक हैं हम मृतकों को संजीवन मन्त्र सुनाते हम गीत नहीं युग गीता के गायक हैं

achyutamkeshvam

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शब्द मौथरे हो जाते हैं ,
सांसे थकती हैं.
भाषण कला तुम्हारे आगे
पानी भरती है .
मुंह से कुछ कहते तो उत्तर
भी देते बनता,
पानी की भाषा में आँखें
बातें करती हैं..

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