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संज्ञा के सौ गुने विशेषण औने-पौने लोग

Posted On: 7 May, 2016 Others में

Achyutam keshvamहम समय शम्भु के चाप चढ़े सायक हैं. हम पीड़ित मानवता के नव नायक हैं हम मृतकों को संजीवन मन्त्र सुनाते हम गीत नहीं युग गीता के गायक हैं

achyutamkeshvam

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संज्ञा के सौ गुने विशेषण औने-पौने लोग .
ऊँचे-ऊँचे सिंहासन हैं बौने-बौने लोग .

सैय्यद से लाफिंग बुद्धा तक सजा हुआ बाजार,
झोले भर-भरकर के खरीदते स्वप्न सलौने लोग.

अन्नपूर्णा बनकर जो घरभर का पेट भरे ,
उसके लिए छोड़ते देखे रिक्त भगौने लोग.

बाँट रहे जन्मांध रेवड़ी लेकर के बैठे ,
अपने-अपने हाथों अपने-अपने दौने लोग.

उधर चाँद पर जाने की तैयारी देश करे ,
इधर देख पञ्चांग विचारें शादी गौने लोग .

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