blogid : 14295 postid : 1385593

राजनीति निरक्षर लोगों का झुंड!

Posted On: 16 Aug, 2019 Politics में

Achyutam keshvamहम समय शम्भु के चाप चढ़े सायक हैं. हम पीड़ित मानवता के नव नायक हैं हम मृतकों को संजीवन मन्त्र सुनाते हम गीत नहीं युग गीता के गायक हैं

achyutamkeshvam

102 Posts

250 Comments

भारतीय प्रजा
प्रजातीय-पेशेवर-राजनैतिक गड़ेरीयों
की पालतू
राजनीति कुपढ़ भेड़ों का झुण्ड
जिनके लिए 
आजादी का
नागरिकता का
और
आजाद नागरिक अधिकारों का
कुल मतलब है
बैंक खाते से जुड़ा आधार कार्ड
और
उसमें विविध स्त्रोतों से गिरती
सब्सिडी
खेती – मजूरी के लिए
सस्ता सरकारी कर्ज
और
कर्ज की सरकारी माफी
राशन की सरकारी दुकान
और
पात्र ग्रहस्थी सूची में दर्ज सपरिवार नाम
सरकारी नौकरी
सरकारी खाना
सरकारी पखाना
सरकारी मकान
सरकारी शिक्षा
सरकारी यात्रा
सरकारी बीमारी मय सरकारी इलाज
यानि
हर सरकारी कोढ़
और
सरकारी कोढ़ में अन्तर्व्यापित
सरकारी खाज
उन्हें
स्वीकार है
इस सबके लिए
पंक्तिबद्ध अनुशासित सगर्व
बार-बार
बेतरह मूड़ी जाना
और
पूरे घामड़पन के साथ
गडरिये की बेसुरी बांसुरी पर
सिर हिला-हिलाकर
आजादी-जम्हूरियत के गीत गाना
और एक दिन
स्वामी-भक्ति
सेवक धर्म का पालन करते हुए
उसीकी थाली में निवाला बन जाना

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग