blogid : 12591 postid : 809532

तुम्हारे लिए बिटिया

Posted On: 28 Nov, 2014 Others में

darpanJust another weblog

adhyayanrat

8 Posts

5 Comments

मन करता है
एक सुन्दर कविता लिखूँ
ऐसी कविता
जिसका प्रत्येक शब्द लदा हो
मेरी अनेकानेक शुभकामनाओं से ,
जिसकी हर पँक्ति समेटे हो ईश्वर के अनगिनत आशीर्वाद
जिसके भावार्थ में रचा बसा हो
मेरे जीवन के सभी संचित पुण्यों का फ़ल
स्वर सजे हों जिसके मेरे हृदय स्पन्दनों से
और ,सुगन्ध बसती हो जिसमे तुम्हारी निश्छलता की
ऐसी कविता
जो अनावृत करदे ईश्वर के प्रति हमारी कृतज्ञता को
कि हमें तुम जैसी बिटिया देकर जो उपकार किया है प्रभु ने
जो रंग भरे हैं हमारे जीवन में
आनन्द के जो अमलतास -गुलमोहर खिलायें हैं
वह आठों सिद्धि और नौ निधियों को लजाते हैं
हो सकता है
जैसी भाषा लोग समझते हैं वैसे
शब्द न मिलें मुझे
पर हमने अपने हृदय में इसका सृजन कर लिया है
सही कहा है कविता ह्रदय से निकलती है ।

Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग