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उसकी तलाश और है, मेरी तलाश और

Posted On: 26 Sep, 2019 Common Man Issues में

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ajayehshas

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उसकी तलाश और है, मेरी तलाश और
थक जाऊं ढूंढ करके तो कहता तलाश और।
पहले ही उसने पी लिया भर भर के प्याले गम
फिर भी न बुझा प्यास कहे इक गिलास और।।
आकर करीब इम्तहां में पास हो गई
दिल कह रहा है फिर भी आओ और पास और।
तारीफ करूं कैसे मैं अल्फाज़ के उसके
बातें है अच्छी उर्दू जुबां की मिठास और।।
पहले ही खूबसूरती में थी कमी कहां
पहना दिया ऊपर से जो मखमल लिबास़ और।
वो देखती मुझको मैं समा जाता हूं उसमें
दीदार न कर पाने से रहता निराश और।।
जब सादगी में रहके रूख़ से परदा हटाया
कहते है सभी लगती हो अब तो झकास और।
मुड़कर नही देखें नही नजरें मिले कभी
लगता है उन्हें मिल गया है कोई खास और।।
उनकी तो लायकी पे कोई शक नहीं हमको
आगे बढ़ो अच्छा करो कहते शाबास और।
इतना तो सब दिया है खुदा ने तुम्हें जनाब
फिर भी तड़प रहे लगी पाने की आस और।।
जब जब गुनाह करने से रोके मुझे खुदा
मजबूत होता है मेरे मन मे विश्वास और।
जीवन मरण के बीच में बस फर्क है इतना
मुर्दे की लाश और है, है जिन्दा लाश और।।
दुनिया का तजुरबा बड़ा अच्छा हुआ मुझे
फिर भी बताते रहते हैं कर ले ‘एहसास’ और।
मरता हुआ इक शख्स है कहता खुदा से यूं
कर लूं कुछ नेक काम बस दे चंद सांस और।।

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