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खुशी कैसी

Posted On: 31 Dec, 2012 Others में

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akraktale

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पुराना जब भी जाता है नया इक साल आता है,

नया जब साल आता है उम्मीदे साथ लाता है/

 

कोई इक बार आकर के व्यथा उनसे भी तो पूछो,

जिन्हें आते हुए नव साल का इक पल न भाता है/

 

कभी तुम झाँक लो देखो जरा उस मन की तो बूझो,

बुझी उम्मीद है जिसकी  अँधेरा  अब  सताता है/

 

शमाएँ तुम जलालो चढ के जा जाकर मीनारो पे,

नही कर पाओगे रोशन यही अब दिल में आता है/

 

सबक इस हादसे हालात से पाकर के तुम समझो,

खुशी कैसी लगे जब कोई  इक मातम मनाता है/

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