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तेरे सिवा माँ ....

Posted On: 15 May, 2016 Others में

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Alka

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तेरे सिवा माँ ,
कहां  पाऊं मैं और ये प्यार का खजाना ,
तुम बहुत जरुरी हो आज भी ये तुमको है बताना

तेरे सिवा माँ,
आज भी तेरा प्यार से मेरे सर को सहलाना ,
बहुत  भाता है माँ तेरा ये प्यार लुटाना

तेरे सिवा माँ ,
अपनी पीड़ा आँखों में तू कैसे छुपा लेती है ,
पर आज भी मेरे दर्द को तेरी आँखों में पाना |

"तेरे सिवा माँ ,
कही नहीं तेरे  जैसा स्वाद खाना मैंने खाया,
उसे याद करके आज भी मुंह में पानी आ जाना |

तेरे सिवा माँ ,
अपने आशीष मुझे हरदम ऐसे   ही देती जाना ,
ये आशीष ही है मेरा सबसे बड़ा खजाना |

तेरे सिवा माँ ,हाँ तेरे सिवा माँ ,
 अल्का ..

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