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हिंदी की कहानी उसी की जुबानी

Posted On: 17 Sep, 2012 Others में

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Alka

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यूँ तो आपने हमें राष्ट्र भाषा बनाया है
पर अभी तक वो सम्मान हमें न मिल पाया है

मैकाले की इंग्लिश सर चढ़ के बोलती है
हमें तो आपने जैसे एक दोयम भाषा बनाया है

क्या पता है आपको मै हू संस्कृत की जाई
जिसका इस दुनिया में न कोई मुकाबला कर पाया है

आँखे पथरा गई है अपना यथोचित सम्मान पाने को
शायद इसी लिए हिंदी दिवस मानाने का चलन आया है

कुछ तो सीखो भारत वासियों उन छोटे छोटे देशो से
जिन्होंने अपनी भाषा के साथ खुद को कहाँ पहुचाया है

मै ही हाँ मै ही हूँ आत्मगौरव देश का
आत्मगौरव के बिना न सम्मान किसी ने पाया है

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