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सांकल पिया द्वार की

Posted On: 1 Aug, 2014 Others में

sahity kritiman ke udgaaron ki abhivyakti

alkargupta1

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2777 Comments

दुशाला ओढ़े बैठी मन के मीत में
आसमान से टूटते तारे को देखा जब
मांग उठी टूटते तारे से ……
खुल जाये सांकल पिया द्वार की
हो अद्भुत पिया मिलन भी !!!
रवि ना देना प्रचंड ऊष्म ताप
चाँद देना मन की शीतलता
कहीं शीत वायु ना चुभे गात में
बन कर कोई तीर
खोजूं रत्न सागर के अथाह जल में
गूंथ कर पिरो लूँ स्नेह सूत्र में
बंधू स्नेह पाश में !!
हो तभी अद्भुत पिया मिलन !
अद्भुत पिया मिलन !!!!

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