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रक्षा बंधन कब बनेगा अच्छा बंधन

Posted On: 18 Aug, 2016 Others में

all indian rights organizationHuman rights is becoming a culture in the era of Nation-State concept....now a person leads to behaviour .one is governed by his/her conventional culture and other one is administered by human rights culture in the nation -state frame.so this resonance gives a space to discuss human being in the frame of human rights instead of his conventional culture...this blog will discuss all aspects of life regarding Human rigts

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रक्षा बंधन या अच्छा बंधन ……………
वर्ष १९९४ जब मेरी माँ ने कहा चलो राखी बन्धवाओ पर मैंने ये कह कर मना कर दिया कि जो बहन है उससे राखी क्यों बंधवाना ..और मैंने पूरी जोर के साथ इंकार किया कि जब देश की हर महिला की रक्षा का कर्तव्य देश के सविधान में दिया है तो सिर्फ बहन ही क्यों और मैंने राखी के त्यौहार का त्याग किया हो सकता है आपको अच्छा ना लगे पर मुझे बड़ा अजीब लगता है जब मेरी ही बहन मेरी तरफ इस आशा से रक्षा सूत्र बांधे कि भाई उसकी रक्षा करे और यदि ये सही है तो फिर देश की महिला के उत्पीडन पर इतनी हाय तौबा क्यों जब हम ही सिर्फ अपने भाई से रक्षा की उम्मीद करते है | क्या आप ने सोचा कि अगर सिर्फ अपनी बहन से राखी बंधवाना ही रक्षा बंधन है तो इस देश में महिला की सुरक्षा के प्रति हमारा सांस्कृतिक दृष्टिकोण क्या है ये आपको सोचना है |
आज फेसबुक पर एक भाई ने पोस्ट लिखी कि एक बहन सिर्फ इस लिए राखी नहीं बांध पा रही है क्योकि बहन ने एक अन्यजाती के लड़के से शादी कर ली पर यक्ष प्रश्न ये है कि जब बहन की रक्षा करने वाले बही की कलाई में इतनी ताकत नहीं है कि वो दुनिया से विरोध करके अपने घर के दरवाजे अपनी बहन के स्वागत के खोल सके तो आप खुद ही समझ सकते है कि रक्षा बंधन के सूत्र में कितनी ताकत है शायद यही है रक्षा बंधन का सच |
एक और सच जो बहन जीवन में इस कल्पना में बैठी रही कि इस देश में उसके लिए भी कोई जीवन साथी के रूप में होगा और वो समाज में एक ऊँचा स्थान भी हासिल करती है पर भाई कहता है कि शादी की जरूरत क्या है नौकरी तो कर रही है और बहन एक अदद शादी के लिए अपने जीवन में भटकती है पर वो ऐसे नकारे भाई को हर साल राखी भेजती है उस भाई को जिसने खुद प्रेम विवाह करके बूढ़े माता पिता को बहन के सहारे छोड़ कर मस्ती मार रहा है उस भाई के हाथ की कलाई को मजबूत करने के लिए है राखी शायद यही सच है रक्षा बंधन का !!!!!!!!!!!!!!
कल यानि १७ अगस्त को एक महिला ने एक विवाहित महिला के वक्तव्य को सामने रखते हुए कहा कि भाई तो हो सकता है बहन को कभी कभी थप्पड़ मार दे पर पति का तो पता ही नही है कि कब और किस बात के लिए पीट दे और ये बात इसी देश की दो महिला कर रही है एक विवाहित है और दूसरी अविवाहित शयद अपने अपराध को ना जानते हुए पिटने वाली किसी पुरुष के कलाई को इसी काम के लिए मजबूत करती है |
मैंने जो भी लिखा है उसको सत्यता के आधार पर लिखा है पर आप सोच कर देखिये क्या इस देश में रक्षा बंधन कभी भी अच्छा बंधन बन पाया क्या वास्तव में रक्षा बंधन से महिला को मजबूती मिली है …..पर आप सभी को शुभकामना कि रक्षा बंधन को अच्छा बंधन बनाइए ………….

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