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कथा Modern लैला - मजनू की ( हास्य - कविता )

Posted On: 24 Dec, 2010 Others में

IPLHanso Hansao Khoon Badhao

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LM

एक रात मुझे सोते – सोते एक बड़ा हसीन सपना आया !
किसी ने आधी रात को मेरे घर का दरवाजा खटखटाया !
मैंने कहा यार इतनी रात को ये कौन कमबख्त चला आया !
दरवाजा खोला तो अपने सामने फटे पैजामे मैं एक व्यक्ति को खड़ा पाया !
उसे देखकर हमें बड़ा गुस्सा आया, हमने अपनी सूजी आँखों को खुजलाया !
मगर लाख कोशिशों के बाद भी मैं उस अनजाने को पहचान न पाया !
हमें उस अनजान को देखकर चिढ तो बहुत आई !
मगर जल्द ही हमें अपनी गांधीवादी संस्कृति याद आई !
हमने अपने मन मैं आई दुर्भावना मन मैं ही दबाई !
और बड़े प्यार से पूछा आप कौन है मेरे प्यारे भाई !
आप को हमारी नींद ख़राब करते हुए जरा भी शर्म न आई !
वो बड़े ही नजाकत से बोला अस-सला-अलेकुम सचिन भाई !
हमारे मन को उनका ये मखमली, नजाकती लहजा बड़ा भाया !
हम बोले माफ़ करना भाईसाहब मैं आपको पहचान नहीं पाया !
बो बोला पहचानोगे कैसे सदियों बाद इस धरती पर आया हूँ !
खाकसार को मजनू कहते हैं और साथ मैं लैला को भी लाया हूँ !
उनके साथ खड़ी लैला को देखकर मेरी बुद्धि जोर से चकराई !
अबे ये भूतपूर्व प्रेमियों की हिट जोड़ी आज मेरे घर कैसे चली आई !

LM1मैंने दोनों का अभिवादन कर कहा आप अन्दर तो आइये !
और परी – लोक से भू-लोक मैं आने का कारण बताइए !
मजनू बोले, क्या बताऊँ भाई लैला कई दिनों से मुझसे लड़ रही थी !
और कमबख्त धरती पर घूम कर आने की जिद पकड़ रही थी !
कहती थी चलो मजनू धरती पर घूमने जाते हैं !
और कलयुगी प्रेमियों की दशा जान कर आते हैं !
इस बीच लैला ने पहली बार अपनी जुबान की खिड़की खोली !
आप हमें आजकल के प्रेमियों के बारे मैं बताइए मुझसे ये बोली !
मैं बोला लैला आपा ऐसे तो मैं आपको ज्यादा क्या बता पाऊंगा !
मगर आप हमारे मेहमान है सो बिना बताये भी नहीं रह पाउँगा !
चलिए मैं अपने दिमाग की बुझी हुई बत्ती फिर से आपके लिए जलाता हूँ !
और लैला मजनू के साथ पाठकों को भी Modern प्रेमियों की कथा सुनाता हूँ !

प्रथम अध्याय प्रारंभ

MTALKअब पहले की तरह लैला मजनू की याद मैं नहीं रोती है !
क्योंकि 24 घंटे उसके पास मजनू की जानकारी होती है !
मजनू जमाने के पत्थर खाने के बाद जहाँ भी जाता है !
तुरंत मोबाइल से लैला को अपने पिटने की दास्तान सुनाता है !
अपने 2500 Megha Pixel कैमरे से अपने तन के जख्म दिखाता है !
और फ़ोन पर ही इन जख्मों पर लैला की लाखों पप्पियाँ पाता है !
लैला भी अब कोई “पत्थर से ना मारो मेरे दीवाने को नहीं गाती है ”
“लैला, लैला की जवानी”, “लैला बदनाम हुई मजनू तेरे लिए गाती है” !
उसे कम कपड़ों मैं देख मजनू को छोड़ पब्लिक उसके पीछे पड़ जाती है !
अब मजनू को चिट्ठी भेजने को नहीं जरुरत किसी कबूतर की !
30 रूपए मैं चाहे जितने SMS करो जरुरत है सिर्फ एक पैसे की !
मजनू अब अब लैला का नाम कहीं जमीन पर नहीं लिखता है !
किसी और का भेजा SMS तुरंत लैला को Forword करता है !
अब लैला मजनू अकेले नहीं, Net पर Chat का समूह बनाते हैं !
बातों – बातों मैं कोई पटी तो पटी वर्ना E – Freind कहलाते हैं !
Modern लैला मजनुओ को अब सरकारी मान्यता भी प्राप्त है !
एक बार कोर्ट मैं जाने पर समझो घरवालों की सीमा समाप्त है !
सरकार कह रही है अब शादी के बिना भी प्रेमी एक साथ रहें !
शादी से पहले ही Product इस्तेमाल करे फिर विश्वास करें !
और आजकल की Modern लैलायें भी क्या गजब ढा रही हैं !
टीवी चेनल्स पर ही मजनुओ का लोयल्टी टेस्ट करा रही हैं !
और जो मजनू फेल हुआ उसमे सरे आम सेंडिल जमा रही हैं !
और टीवी पर ये प्रायोजित कार्यक्रम दिखाकर अपनी TRP बढ़ा रही हैं !
ये कमबख्त मजनू भी पिटने के बाद सीधे रान्झाओं के पास जा रहे है !
और फिर दोनों मिलकर आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ गा रहे हैं !
इन दोनों का प्यार देखकर लैलाओं के भाव भी अब कुछ नीचे आ रहे हैं !
लैला हीर से कहती है देख सखी ये कल्मुये कैसे दोस्ताना बना रहे हैं !

द्वितीय अध्याय प्रारंभ

RB2

MODERN लैला-मजनू की इतनी कथा सुनकर लैला और मजनू थोडा सा घबरा गए
आजकल की लैला के कपडे देख थोडा शर्मा गए !
मजनू बोला modern लैलाओं के कपडे कहाँ गए !
दरजी ने कपडा खा लिया या मशीन मैं फंसकर उधड गए !
मैं बोला लैला आपा लाल दुपट्टे भी अब नहीं लहरा रहे हैं !
ये तो बस अब लैलाओं के मुंह छिपाने के काम आ रहे हैं !
Modern मजनू लैलाओं पर पैसे भी खूब लुटा रहे हैं !
बाप की गाढ़ी कमाई से पीजा और Ice Cream खिला रहे हैं !
लैलाओं को भी ऐसे ही मालदार मजनू बहुत भा रहे है !
बाकी आपसे फटेहाल मजनू आज भी JJ पर धक्के खा रहे हैं !
इतनी कथा कहने के बाद मैंने कहा आगे कथा और सुनेंगे !
या फिर कल मेरे साथ चलकर ऐसे प्रेमियों से खुद मिलेंगे !
ये सुनकर दोनों एक स्वर मैं बोले न ही सुनेंगे न ही मिलेंगे !
आपका बहुत – बहुत शुक्रिया जनाव अब हम वापस निकलेंगे !
हमारा एक दिन का ही वीसा था वर्ना हम वापस परीलोक न जा पायेंगे !
और आपकी कथा सुनने के बाद हम इस भू लोक मैं भी न रह पायेंगे !
जाते जाते मजनू जी हमें अपना Branded कुरता थमा गए !
धन्य थे वे लैला मजनू जो सदा के लिए दुनिया के दिलों मैं समां गए !

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