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तन्हाइयों में रोकर

Posted On: 11 Jul, 2011 Others में

kavitaasato ma sadgamaya

anamika

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तन्हाइयों में रोकर दिल बहलाते है
बिखरे ग़म को सिलकर ग़ज़ल बनाते है

यादें जो तुमसे है जुड़ी वो अक्सर छेड़ जाते है
तेरी यादों के बज़्म में हम खो जाते है

शबनम का कतरा….. दरिया बनाती है
आस तुमसे मिलने की किनारा दिखाती है

शबनम के कतरे को यूं बेकार न समझो
इस नासूर दिल को ये मरहम लगाती है

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