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चमत्कार भी होते हैं

Posted On: 1 Apr, 2015 Others में

vechar veethicaसम्भावनाओं से समाधान तक

anilkumar

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जी हाँ , जब इन्सान के समस्त प्रयास निष्फल हो जाते हैं , तब उसको उपर वाले से किसी चमत्कार की ही आस होती है । और कभी – कभी चमत्कार होते भी हैं । जैसे कि कल रात को ही हुआ । आज सबेरे – सबेरे जैसे ही टी० वी० पर समाचार चैनल खोला , एक बारगी तो अपनी आँखों और कानो पर विश्वास ही नहीं हुआ । होता भी कैसे । वह चमत्कार ही तो था , जो समाचार वाचक बता रहा था , कि गत रात अटल जी की स्मृति अचानक वापस आ गई है । अटल जी जो अनेक वर्षों से बोलने में भी असमर्थ थे , बीती रात लगभग ढाई बजे आवाज लगाई ” नमिता ” ,” नमिता “। नमिता हडबडा कर उठीं और उनके पास गईं । उन्हों ने देखा कि वह अपने बिस्तर पर बैठे हुए उनकी ओर देख रहे थे । उन्हें लगा कि जैसे लम्बे समय से उन भाव – शून्य आँखों में कुछ परिचय की झलक है । उन्हों ने पूछा था
” बाबा बोलो तो , मैं कौन ? ”
अटल जी कुछ झुंझला कर बोले थे
” अरे नमिता , तुम यह क्या बोल रही हो । तुम कहां थी ? मुझको प्यास लगी है । जरा पानी पिलाओ । ”
खुशी से नमिता की चीख निकल पड़ी थी । वह उनको पानी देती हुई बोलीं थीं
” रंजन रंजन , ए खाने आशुन । तडातडी कोरे आशुन । दैखो तो , बाबा बोलते पाच्छे । बाबा अमाके चिन्ते पाच्छे ।”
रंजन भट्टाचार्या भी हडबडाते हुए , हतप्रभ से वहां पहुचे थे ।
समाचार वाचक बता रहा था , कि नमिता अटल जी की दत्तक पुत्री हैं , और और रंजन भट्टाचार्या उनके दामाद । अटल जी अभी तक उन्हीं की देख रेख में हैं । रंजन को देख कर अटल जी ने मुस्करा कर पूछा था
” कहो कैसे हो ? ”
फिर कुछ सोच कर बोले थे
” आडवाणी कहां है ?, रंजन जरा उनको बुलाओ ।”
रंजन भट्टाचार्या ने आडवाणी जी को फोन पर सूचना दी , और उन्हों ने अपने अन्य सहयोगियों को । धीरे – धीरे यह समाचार पूरे देश में जंगल की आग के समान फैलता जा रहा है । हर कोई अचम्भित है । जैसे – जैसे सुबह हो रही है , अनेक विशिष्ट जनों का उनके आवास पर पहुचने का सिलसिला जारी है ।
समाचार वाचक अपने कैमरामैन के माध्यम से दिखा रहा है कि ६ , कृष्णामेनन मार्ग के बाहर उत्सुक लोगों की भीड़ बढती जा रही है । पुलिस ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है । तमाम टी० वी० चैनलों की ओ० वी० वैन्स ने वहां पर डेरा जमा लिया है । अनेक संवाददाता हाथों में माईक और हेन्डीकैम लिये बेसब्री से इधर – उधर टहल रहे हैं । उन्हें अन्दर से आने वाले समाचारों की प्रतिपल प्रतीक्षा है । तमाम टी० वी० चैनलों पर अब केवल अटल जी से सम्बन्धित समाचार ही दिखाए जा रहे हैं । सारे देश में आश्चर्य और प्रफुल्लता का वातावरण छाता जा रहा है ।
समाचारों में बताया गया है कि आडवाणी जी , प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी , राजनाथ सिंह , सुषमा स्वराज , अमित शाह , पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं शरद यादव ६ , कृष्णामेनन मार्ग पहुच चुके हैं । इसके अतिरिक्त पटना से नितिश कुमार , कोलकत्ता से ममता बनर्जी ,भोपाल से शिवराज सिंह चौहान और श्रीनगर से उमर अब्दुल्ला दिल्ली के लिये निकल चुके हैं ।
एक अन्य समाचार चैनल पर समाचार वाचक बता रहा है कि ऐम्स के डाक्टरों की एक टीम रात में ही ६ , कृष्णामेनन मार्ग पहुच गई थी । अपुष्ट समाचारों के अनुसार उस टीम ने अटल जी का पूरा परीक्षण कर लिया है । सब डाक्टर भी इस घटना से हैरान हैं । उनके अनुसार अटल जी के घुटनों की स्थिति तो यथावत है , परन्तु उनकी स्मृति में तेजी से सुधार हो रहा है । दस वर्ष पूर्व की स्मृतियों और वर्तमान की परिस्थितियों के मध्य सामन्जस्य बैठाने में उनको कुछ कठनाई अनुभव हो रही है । डाक्टरों का कथन है कि इसमें कुछ समय लगेगा । परन्तु उनको आशा है कि वह इसमें सफल होंगे । डाक्टरों ने इस कार्य के लिये उनके आत्मीय जनों से सहयोग करने को कहा है । अतः इस समय उनके कक्ष में केवल नमिता , रंजन भट्टाचार्या और लालकृष्ण आडवाणी ही हैं । आशा है कि ग्यारह बजे के लगभग ऐम्स की ओर से अटल जी के स्वास्थ के विषय में अधिकारिक बुलेटिन जारी किया जाएगा ।
एक अन्य चैनल पर ब्रेकिगं न्यूज में बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जनाब नवाज शरीफ अटल जी के देखने दिल्ली आ रहे हैं । विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सूचित किया है कि वह आज शाम तक दिल्ली पहुच जायेगें । रायटर के माध्यम से जानकारी मिली है कि अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिन्टन ने अटल जी के स्वास्थ के विषय में जानकारी ली है और प्रसन्नता व्यक्त करी है । विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष अपने – अपने दूतावासों के माध्यम से इस विषय पर पल – पल की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं ।
६ , कृष्णामेनन मार्ग के बंगले से जो कुछ सूचनाएँ छन कर आ रही हैं , उनसे ज्ञात होता है कि यदि डाक्टरों ने अनुमति दी , तो शाम को छः बजे अटल जी , संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से रूबरू हो सकते हैं । एक समाचार चैनल पर एक स्ट्रिप लगातार चल रही है कि आज रात को आठ बजे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्र के नाम संदेश प्रसारित करेगें ।
सारा देश आश्चर्यचकित और हर्षोल्लासित है । सुना जा रहा है कि यदि अटल जी के स्वास्थ में इसी प्रकार सुधार जारी रहा तो जल्दी ही दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा , जिसको अटल जी सम्बोधित करेगें । इस समाचार से मै स्वयं अत्याधिक रोमांचित हूँ । मैने निश्चय किया है कि मै उस अवसर पर दिल्ली अवश्य जाऊगां और उस रैली का प्रत्यक्षदर्शी बनूगां । वहां पर देखूगां वह रामलीला मैदान , वहां पर लाखों की भीड़ । मंच पर अटल जी का विशाल व्यक्तित्व । हवा में वैसे ही घूमता हुआ उनका हाथ । क्या बोलेगें वह ? क्या वह यह बताएंगें कि कैसे उनकी मौत से ठन गई , और कैसे उन्हों ने उसको परास्त किया । या फिर वह यह कहेगें
” काल के कपाल पर लिखता मिटाता हूँ , गीत नया गाता हूँ ।”
कौन सा नया गीत गाएगें ? राजनीति के बियाबान का , या साहित्य के उद्यान का । और पता नहीं क्या – क्या बोलेगें ? कैसे बोलेगें ? पता नहीं ! – – – – – कुछ बोलेगें !! – – – – – – – – भी , या !!! – – – – – – – – – – — – – – – – – – – – नहीं ???

पुनश्चः —— मित्रो ,मै आप सब से क्षमाप्रार्थी हूँ । मैने आज पहली अप्रेल को किसी को नहीं केवल स्वयं को उल्लू बनाया है । सच मानिए , कुछ पलों के लिये ही सही , पर इस कल्पना में बड़ा मजा आया है । काश यह कल्पना सच हो पाती । क्या चमत्कार नहीं होते हैं ?

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