blogid : 12134 postid : 78

'यूनाईटेड आर्ट फेयर' कला मंच

Posted On: 28 Dec, 2012 Others में

AGOSH 1D.r HIMANSHU SHARMA

Dr.Himanshu sharma(Aagosh) c/o Annurag sharma (UAF)

31 Posts

485 Comments

23935_208517239282794_815281402_n

अन्दर बाहर बड़ी खुशी है, हर्षाया-हर्षाया मन है ।
इस युग की उपलब्धि यही है, कलाकार की कला दर्पण है।।
बाहों में भरते हो हंसकर, मन में भी अपनापन है ।
रिश्तों के बंधन से अच्छा, सुगंध भरा फुलों सा मन है।।

अन्दर बाहर बड़ी खुशी है, हर्षाया-हर्षाया मन है ….’.(1)

कला सृजन और वर्धन में, श्री अनुराग जुटे हुए हैं ।
इनकी कीर्ति फैले विश्व में, कला से अनुराग बहुत है ।
जल उठेंगे ढेरों चिराग, इनसे कला मंच सजे हैं ।
‘यूनाईटेड आर्ट फेयर’ कला मंच बनेगा, कलाकार इससे जुड़े हुये हैं ।

अन्दर बाहर बड़ी खुशी है, हर्षाया-हर्षाया मन है …..(2)

. .कलाकार प्रवर्तियों से विशाल हैं, उसकी भाव राशी अथाह होती है ।
कला विचारों का प्रतिबिम्ब है, ईश्वर की पूर्ण छाया होती है ।
भावनाओं का प्रवाह जब रोके नहीं रुकता, कला रूप धर लेती है ।
कला विचारों को दर्शाती, प्रकृति का अनुसरण करती है ।

अन्दर बाहर बड़ी खुशी है, हर्षाया-हर्षाया मन है …..(3)

अनुराग भौरा बनकर, हम कला मंच सजाते हैं ।
कमलों की पांती की भांति, चारों तरफ यश फैलाते हैं ।
ऐसे हैं हम पारस पारखी, सोने की चमक बढ़ाते है ।
क्षमा करो भूल हमारी, हम सबका अभिनन्दन करते हैं’ ।.

अन्दर बाहर बड़ी खुशी है, हर्षाया-हर्षाया मन है ..,(4)

हिंदी लेखक डॉo .हिमांशु शर्मा ‘(आगोश )

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (6 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग