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कविता-जो नसीब में नहीं था वो मेरे रब ने मुझे दिया,

Posted On: 17 May, 2013 Others में

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जो नसीब में नहीं था वो मेरे रब ने मुझे दिया, तू था मुझसे दूर मेरे दिलबर मेरे करीब किया ,जो नसीब में नहीं था वो मेरे रब ने मुझे दिया, तू था मुझसे दूर मेरे दिलबर मेरे करीब किया ,

तेरी चाहत को दिल में सजाए बैठे थे, पर ये तुझसे ही कहने से हम डरते थे ,इसलिए तुझसे यु दूरी बनाये रहते थे ,जान ले तू मेरे दिल की बात ये ही चाहता था दिल ये मेरा पर जुबान से कुछ भी कहने से हम तो डरते थे , ओ ओ ओ ओ

तेरी आहट का हर वक़्त इंतज़ार हम तो करते थे , तुझे देखने के सौ बहाने हम ढूँढ़ते थे ,किस तरह ऐसे छिप छिप तुम्हे हम देखा करते थे बस न देख मुझे कुछ ना पूछ ले तू मुझसे बस इसी बात से हम डरते थे,
तेरी ही  खुशबू से महकता था मन ये मेरा, तेरी हर बात  से मचलता  था दिल ये मेरा, तेरी ही आवाज़ पे हम तो  मरते थे ,बस ये तुझसे कहने से हम तो डरते थे,

हो न जाए तू मुझसे  जुदा  इस कदर ,दूर न चला जाए मुझसे कभी मुझे अकेला छोड़ कर ,ना मोड़ ले  मुह  मुझसे  अपना किसी बात पर तू ,बस इसी अहसास से हम तो डरते थे, इसलिए न कह सके हम तुमसे की हम तो तुमपे कितना मरते थे,

तेरी ही राह देखती थी हर पल अंखिया मेरी , तेरी ही आवाज़ सुनने के लिए रहती थी हर वक़्त दिल में बेचैनिया ओ ओ ओ, तेरी ही राह देखती थी हर पल अंखिया मेरी , तेरी ही आवाज़ सुनने के लिए रहती थी हर वक़्त दिल में बेचैनिया  ,
तेरी ही चाहत का है रंग मुझपे छाया , तेरे प्यार ने मुझे आज है शायर बनाया , ढाल दिया अपने ज़ज्बातों को अल्फाजों में हमने  ये सब तेरे ही इश्क के असर से ही है हो पाया ,

होती है मेरी सुबह सिर्फ तेरी बात से , रात को भी सिर्फ तू ही सीने में मेरे दिल बन कर धडकता है ,मैं सो भी जाऊ अगर तू जागता है  मुझमे मेरी साँसे बन कर , सपनो की हसीं दुनिया में भी तू ही आता है मुझे नज़र अक्सर , तू ही तो हर पल मेरे करीब होता है ऐ मेरे दिलबर ,

है  नही शायद तुझे खबर ऐ मेरे हमसफ़र, मेरा हर दिन तुम बिन अधूरा है , मेरा हर कदम तुम बिन ना पूरा है ,जिस ख्वाब में न आओ तुम वो ख्वाब भी मेरे लिए अधूरा है ,
मेरी हर धड़कन में सिर्फ तुम ही तो हो रहते ,दूर जाओगे हमसे फिर तुम भला कभी कैसे ,जब धड्केगा ये दिल मेरा अपने पास हर पल हम तुम्ही को पायंगे ,करते हो तुम भी हमसे इतनी मोहब्बत की बिन हमारे तुम भी ना अब कही चैन पाओगे , अपनी साँसों में तुम भी हर वक़्त हमारा ही अहसास ही हर पल पाओगे, तुम भी अब बिन हमारे ना अकेले कही रह पाओगे,

ह्म्म्म ह्म्म्म ह्म्म्म ह्म्म्म ह्म्म्म
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ह्म्म्म ह्म्म्म ह्म्म्म ह्म्म्म ह्म्म्म
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

जो नसीब में नहीं था वो मेरे रब ने मुझे दिया, तू था मुझसे दूर मेरे दिलबर मेरे करीब किया ,जो नसीब में नहीं था वो मेरे रब ने मुझे दिया, तू था मुझसे दूर मेरे दिलबर मेरे करीब किया ,


ह्म्म्म ह्म्म्म ह्म्म्म ह्म्म्म ह्म्म्म
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ह्म्म्म ह्म्म्म ह्म्म्म ह्म्म्म ह्म्म्म
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

जो नसीब में नहीं था वो मेरे रब ने मुझे दिया, तू था मुझसे दूर मेरे दिलबर मेरे करीब किया ,जो नसीब में नहीं था वो मेरे रब ने मुझे दिया, तू था मुझसे दूर मेरे दिलबर मेरे करीब किया

http://mystories028.blogspot. in/2012/01/romantic-song.html

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