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आज अचानक झोंका आया

Posted On: 25 Jul, 2015 Others में

चंद लहरेंJust another Jagranjunction Blogs weblog

ashasahay

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आज अचानक झोंका आया
पुरवैया का
आज अचानक खिला हृदय
मृदु हलकोरों से
आज रंगीनी धरती की फिर
सामने आई।

बूँद-बूँद की थिरकन लेकर
भरी उमग कर ताल तलैया
छम –छम नाची
आज अचानक पानी बरसा
झमक झमक कर।

छोड़ लाज को धरा हर्ष से हुई कंटकित
बिहँसी आई
तृण-तृण हरियाली से भर
प्रमुदित मन
भीग गयीजल की बाहों में
उमग चली बहकी मतवाली।

आज अचानक रँग गहराया
घन प्रीतम का
आज अचानक झोंका आया
पुरवैया का।

आशा सहाय—२६–7 –2015—।

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