blogid : 12282 postid : 1302507

समाजवादी सर्वहित बीमा केयर कार्ड

Posted On: 25 Dec, 2016 Politics में

apneebatमन में आते अनवरत विचारों के प्रवाह जब शब्दों का रूप लेते है तो कलम चलती है (वर्तमान में कंप्यूटर के की-बोर्ड पर उँगलियाँ) बस इसी विचार प्रवाह का नाम है "अपनी बात"

Ashish Mishra

19 Posts

36 Comments

समाजवादी सर्वहित बीमा केयर कार्ड
आज के समाचार पत्र में इस योजना के बारे में बहुत बड़ा विज्ञापन प्रकाशित किया गया था. सोचा चलो  जान लें आखिर कैसे चल रही है यह योजना और कैसे हो रहा है सर्वहित।
पेपर में दिए स्टेट को ऑर्डिनेटर के नंबर पर फ़ोन किया और उनसे पूछा “इस योजना के बारे में कुछ जानकारी दीजिये”. जनाब ने बिना ज्यादा कुछ पूछे सीधे जानकारी दे दी। .”आपने बीमा केयर कार्ड का काम लेने के लिए फ़ोन किया होगा न? देखिये इसमें जितने कार्ड का काम लेना है 7 रूपये प्रति कार्ड के  हिसाब से आपको जमा करना होगा, काम समाप्त होने के बाद आपको ३ रूपये मिलाकर आपके रुपए वापस कर दिए जायेंगे। बाकी किसानों से आप खसरा-खतौनी, फोटो कॉपी आदि के ५०-६० रूपये ले सकते हैं”.
मैंने क्यों फ़ोन किया यह जाने बिना जितनी जानकारी उन्होंने दे दी उसके बाद और कुछ जानकारी लेने की जरुरत ही नहीं थी, यानि किसान को ५०-६० रूपये खर्च करने ही है तो वह समाजवादी अहसान क्यों लेगा? क्यों लाइन में लगेगा। इतने में तो कई कंपनियां एक्ससिडेंटल इंश्योरेंश करती ही है. जय समाजवाद।

आज के समाचार पत्र में इस योजना के बारे में बहुत बड़ा विज्ञापन प्रकाशित किया गया था. सोचा चलो  जान लें आखिर कैसे चल रही है यह योजना और कैसे हो रहा है सर्वहित।

पेपर में दिए स्टेट को ऑर्डिनेटर के नंबर पर फ़ोन किया और उनसे पूछा “इस योजना के बारे में कुछ जानकारी दीजिये”. जनाब ने बिना ज्यादा कुछ पूछे सीधे जानकारी दे दी। .”आपने बीमा केयर कार्ड का काम लेने के लिए फ़ोन किया होगा न? देखिये इसमें जितने कार्ड का काम लेना है 7 रूपये प्रति कार्ड के  हिसाब से आपको जमा करना होगा, काम समाप्त होने के बाद आपको ३ रूपये मिलाकर आपके रुपए वापस कर दिए जायेंगे। बाकी किसानों से आप खसरा-खतौनी, फोटो कॉपी आदि के ५०-६० रूपये ले सकते हैं”.

मैंने क्यों फ़ोन किया यह जाने बिना जितनी जानकारी उन्होंने दे दी उसके बाद और कुछ जानकारी लेने की जरुरत ही नहीं थी, यानि किसान को ५०-६० रूपये खर्च करने ही है तो वह समाजवादी अहसान क्यों लेगा? क्यों लाइन में लगेगा। इतने में तो कई कंपनियां एक्ससिडेंटल इंश्योरेंश करती ही है. जय समाजवाद।

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...

  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग