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नवरात्री पर्व के समापन पर एक संकल्प

Posted On: 21 Oct, 2015 Others में

aarthik asmanta ke khilaf ek aawajLOKTANTR

ashokkumardubey

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देशवासियों , मित्रों ,इस देश के प्रशासनिक अधिकारियों , पुलिस बल के अधिकारीयों एवं सिपाहियों एवं सैनिकों मैं आज नवरात्री पर्व के समापन अर्थात नवमी के अवसर पर यह आह्वान करता हूँ की आज के बाद किसी कन्या एवं महिला के साथ कोई दुर्ब्यवहार ,दुष्कर्म एवं महिलाओं बच्चियों के प्रति कोई अमानवीय ,अशोभनीय ब्यवहार ना करे . तभी हम सबों की नवरात्री साधना संपन्न होगी . केवल साल के नो दिनों में उपवास ,व्रत , कन्या भोजन ,कन्या पूजन मात्र से आपको देवी माँ की कृपा एवं आशीर्वाद नहीं मिलने वाला .
कन्या में शक्ति का निवास है हमारे हिन्दू शास्त्रों में नारी को शक्ति का रूप कहा गया है और नारी सचमुच शक्ति का हीं रूप है इसके सैकड़ों प्रमाण मौजूद हैं अगर ऐसा ना होता तो लोग हजारों मील यात्रा करके दुर्गम पहाड़ियों पर माँ वैष्णो देवी , माँ काली , माँ कामाख्या , माँ ज्वाला देवी इत्यादि देवियों के दर्शन हेतु नहीं जाते . दुर्भाग्य यह है की सालों से यात्रा की थकान झेलने के बावजूद घर में उपस्थित देवी की शक्ति( जो कन्या , बहन ,माँ ,पत्नी के रूप में विद्यमान है ) को हम पहचान नहीं पा रहें हैं उसको समुचित आदर नहीं दे रहे हैं. लेकिन इनको आदर सम्मान नहीं देने का कष्ट एवं दुष्परिणाम कोई और नहीं हमलोग हीं झेल रहें हैं . इस श्राप को मिटाना होगा . समाज में सद्व्यवहार की भावना कैसे प्राप्त हो इसके लिए हमारे शिक्षाविद हमारे देश के अभिभावकगण हीं समुचित प्रयास कर सकते हैं और प्रयास से हीं इन बुराइओं की समाप्ति हो सकती है . हमारा अनुरोध खासकर प्रशासनिक अधिकारीयों ,पुलिस बल में कार्य रत्त अधिकारीयोंना देता हो एवं सिपाहियों से है आज के बाद वे ऐसा संकल्प लें “किसी रेप के दोषी को बचाने का प्रयास नां करें, कमाने के कई और साधन हैं पर ऐसे अमानवीय कृत्य करने वालों की मदद करके पाप के भागी ना बनें कोई ना करे यह मानवता के प्रति घोर अपराध है और इसका परिणाम है प्राकृतिक आपदा, बढ़ती स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या नयी नयी बीमारियां , आतंक , नक्सलवाद और ना जाने कितने हीं आपदाएं . इस जघन्य अपराध में कमी, तभी आएगी जब हमारे देश की अदालतें ऐसे अपराधियों को जल्द से जल्द सख्त से सख्त सजा सुनाएँ और उनको किसी अपील की सुविधा ना दी जाये . इसको रोकने में मात्र दो विभाग हीं कुछ कर सकते हैं और वे हैं पुलिस प्रशासन एवं न्यायपालिका . इस देश के विद्वान वकीलों से भी मैं अनुरोध करूँगा की कभी किसी रेपिस्ट को बचाने का प्रयास ना करें चाहे वह कितने हीं पैसे क्यों ना देता हो याद रखिये उस अबला के श्राप से आपको कोई नहीं बचा सकता साक्षात स्वयं भगवान भी क्यूंकि भगवान भी नारी शक्ति को पहचानते हैं . अपराधी को बचाने के लिए कमाया धन बीमारी में हीं खर्च होगा . क्यूंकि ध्यान रहे ऐसे अपराधी को बचाने का दंश आपको इसी जन्म में भुगतना पड़ेगा और तब काफी देरी हो चुकी होगी . आशा है हमारी इस प्रार्थना को सम्बंधित लोग गंभीरता से लेंगे सभी देश वासियों को hardik subhkamna .

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