blogid : 2748 postid : 141

भारतीय संस्कृति के अनुसार कैसे मनाएं जन्मदिन:- कौशल पाण्डेय 09968550003

Posted On: 19 Dec, 2012 Others में

KAUSHAL PANDEY (Astrologer)Astrology,

Kaushal Pandey

45 Posts

169 Comments

भारतीय संस्कृति के अनुसार कैसे मनाएं जन्मदिन :- कौशल पाण्डेय 09968550003

आजकल प्रायः देखने में आता है की लोग आधुनिकता और पश्चिमी सभ्यता में इतने खो गए की उन्हें यह पता ही नही की क्या ग़लत है और क्या सही.पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव में हम अपनी संस्कृति, सभ्यता एवं मनोबल को इतना अधिक गिरा चुके हैं की उन्हें उठने में न जाने कितने युग बीत जायें कहा नहीं जा सकता।

प्रायः जन्मदिन बड़े ख़ुशी से मानते है खैर मानना भी चाहिए लेकिन मोमबत्ती जलाकर उसे फूंक मार कर बुझा देते है,केक को काट कर खिलाते है , उस रात्रि में जागरण के बदले प्रायः लोग मौज-मस्ती के साथ शराब और तामसिक भोजन करते है ये कहाँ का नियम है , इसलिए भारतीय पद्दति से जन्मदिन मनाये और अपने प्रियजनों को दीर्घायु बनाये ..हमें इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए की विधाता ने जितनी आयु निर्धारित कर रखी है , धीरे -धीरे उसकी अवधि समाप्त हो रही है , इसलिए अपने धर्म का पालन और उसकी रक्षा करे

क्या करे जन्मदिन वाली तिथि पर ध्यान देने योग्य बाते :-
1. जन्मदिन दिनांक के आधार पर मानते है तिथि के अनुसार नहीं, तिथि नुसार जन्मदिन मनाने से उस दिन हमारे सभी सूक्ष्म देह के द्वार आशीर्वाद हेतु खुल जाते हैं |पहला नियम ये है की सृष्टि के प्रारंभ काल से जिस तिथि का उदय हुआ वह तिथि तो अधिकतर लोगों को मालूम ही नहीं. इसलिए जन्म दिन तिथि के अनुसार मनाएं .

2. जन्मदिन की प्रात: बेला में उठकर इश्वर का ध्यान करना चाहिए ,
कराग्रे वस्ते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती। करमूले तू गोविन्दःप्रभाते करदर्शनम्।।
अपने माता -पिता-गुरु और बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए, क्यों की आज सिर्फ आशीर्वाद और दुआ ही ऐसी महा-शक्ति है जो बड़े से बड़े संकट से निकल सकती है .
मातृदेवो भव। पितृदेवो भव,
अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः।चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशोबलम्।।
“जो व्यक्ति माता-पिता एवं गुरूजनों को प्रणाम करते हैं और उनकी सेवा करते हैं उनकी आयु, विद्या, यश तथा बल – चार पदार्थ बढ़ते हैं।” – मनुः 2.121

3. अपने जन्मदिन के शुभावसर पर ईश्वर की आराधन पूजा और उनके चरणों में फल फूल, मिठाई, वस्त्र, दक्षिणा अर्पण कर सुख शांति और कष्टों से मुक्ति के लिए आशीर्वाद लेना चाहिए.

4. उस दिन हमे भगवान के चरणों में दीपक अवश्य जलाना चाहिएं. दीपक से अर्थ है की आने वाला समय हमारे लिए जीवन में खुशहाली और रोशनी ले कर आए.आधुनिक समाज में तो हम मोमबत्ती बुझा कर खुद ही अपने लिए राह में अंधेरा कर लेते है. अब आप खुद ही सोचे की आप को जीवन में खुशिया चाहिएं या अंधेरा.

5.इस दिन अपने दाहिने कलाई पर रक्षा मंत्र बोलकर कलावा बंधवाए , माथे पर सौभाग्य तिलक और अक्षत लगाये ,

6. इस दिन अपने घर में कोई धार्मिक अनुष्ठान करना चाहिए . और इश्वर को लगाया हुआ प्रसाद लोगों में बाँटना चाहिए
जैसा खाओ अन्न, वैसा बने मन। जैसा पीयो पानी, वैसी होवे वाणी।।

7. अपने जन्मदिन की तिथि पर नदी के कनारे या धर्म स्थान में कोई शुभ पेड़ लगायें जैसे आम,नीम,आंवला, पीपल,बरगद आदि जैसे जैसे ये पेड़ बढेगा वैसे ही आप के जीवन में खुशिया आएगी और पर्यावरण के लिए भी ये शुभ है ..

क्या न करे :-
जन्मदिन को देर रात्रि में नहीं मनाना चाहिए. यह आप के लिए शुभ नहीं होता है.
आप सभी को इस बात को समझना चाहिए कि रात्रि का अर्थ अंधेरे से है और दिन का अर्थ रोशनी से. अतः जन्म दिन को रात्रि में मनाकर आप अपने जीवन में खुद ही अंधेरा करते है, इसलिए जन्मदिन दिन में ही मनाएं .
आज हम मोमबत्ती को जलाकर बुझाते हैं, ज्योत को मुख से फूंकना या उसे बुझाना दोनों ही अशुभ है | इससे हमारे जीवन के अनिष्ट शक्ति के कष्ट बढ़ते हैं और तेज तत्त्व जो हमें तेजस्वी बनाता है उसके स्थान पर हम तमोगुणी बनाने का प्रयास करते है |
हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार यदि हम अपना जन्मदिन मनाएं तो हमारे शास्त्रों के अनुसार जन्मदिन के दिन कुछ कार्य ऐसे हैं
जिन्हें करना शास्त्रों में अच्छा नहीं माना गया है। जैसे :-
किसी चीज को काटना एक विध्वंशक कृति है परन्तु हम केक काटते हैं और अन्नपूर्ण मां की अवकृपा उस शुभ दिवस में प्राप्त करते हैं जबकि हमें इस दिन दरिद्र, अनाथ या संत जन को अन्नदान करना चाहिए जिससे हम पर अन्नपूर्ण माँ की कृपा बनी रहे और घर पर खीर, हलवा जैसा भोग कुलदेवी को चढ़ाकर ग्रहण करना चाहिए और बांटना चाहिए |
जन्मदिन पर नाखून एवं बाल काटना, वाहन से यात्रा करना, कलह, हिंसाकर्म, अभक्ष्यभक्षण (न खाने योग्य पदार्थ खाना), अपेयपान (न पीने योग्य पदार्थ पीना), स्त्रीसंपर्क से प्रयत्नपूर्वक बचना चाहिए। इसी तरह दीपक का बुझना आकस्मिक मृत्यु, अर्थात् अपमृत्युसे संबंधित है। इसे अशुभ माना गया है। इसीलिए मोमबत्ती जलाकर जन्मदिन नहीं मनाना चाहिए।
कई लोग इस दिन इतना शराब पि लेते है की मौज मस्ती में अपना जीवन ही खो देते है इन सब राक्षसी विधियों से बचे। साथ ही ये कलियुग का प्रभाव है की आज बड़े लोग अपने धन के मद में जुआ, शराब , डिस्को आदि को अपनी शानोसौकत मानते है , उन्हें ये नहीं पता की एक दिन उनकी पीढ़ियों को पानी देने वाला भी कोई नहीं होगा ..

आपको यह लेख कैसा लगा कृपया अपना मत अवश्य रखे , साथ ही अपने दोस्तों को भी सेयर करे .. धन्यवाद् आपका :- कौशल पाण्डेय 09968550003

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (6 votes, average: 4.50 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग