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कुछ बोलूँगा, तो बोलोगे की बोलता है|

Posted On: 1 Oct, 2011 Others में

मनोज कुमार सिँह 'मयंक'राष्ट्र, धर्म, संस्कृति पर कोई समझौता स्वीकार नही है। भारत माँ के विद्रोही को जीने का अधिकार नही है॥

atharvavedamanoj

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इतिहास में एक से बढ़कर एक क्रूर शासक हुए हैं|चंगेज खान, हलाकू, नादिर शाह, तैमूर लंग, जनरल डायर….और भी न जाने कितने? इनमे से सभी ने अपने देश के नागरिको पर कोई भी जुल्म नहीं ढाया|इनका हर जुल्म बाहरियों के लिए था, विदेशियों के लिए था|वर्तमान सरकार इसकी एकमात्र अपवाद है|जिसने सत्ता सँभालने के पहले दिन से ही अपने नागरिकों का खून चूसना शुरू कर दिया और आज भी बड़ी बेरहमी से हलाल करती जा रही है|मैं कभी कभी भावावेश में बहुत कुछ बोल देता हूँ|ज्यादातर संबोधनात्मक शैली का प्रयोग करने के कारण सीधे मुखातिब होता हूँ|ताजातरीन उदहारण ४ जून २०११ को दिल्ली के रामलीला मैदान में निद्रा के आगोश में सोने की तयारी कर रहे बाबा रामदेव के निहत्थे समर्थकों पर कांग्रेस के इशारे पर, डायर को भी लज्जित करने वाला बर्बरतम लाठीचार्ज है|अब भी कोई कहेगा की ४ जून को बाबा के इनकाउंटर की तैयारी नहीं थी?

स्पष्ट है यदि रामदेव ने कृष्ण नीति का  प्रयोग न किया होता तो शायद हम उन्हें जिन्दा भी न पाते, और यह सब किसलिए? १५ करोड़ मुसलामानों का एकतरफा वोट कांग्रेस को प्राप्त हो इसलिए गेरुवा पहनने और योग सिखाने वाले रामदेव को निपटा देने की कोई भी कोर कसर बाकी नहीं रखी गयी|अब यदि आप कहते हैं की रामदेव एक शख्सियत हैं और यदि ऐसा होता भी तो भारत की जनता विद्रोह कर देती तो आपकी बुद्धि का भगवान ही मालिक है|लगातार ११४ दिन तक जीवन और मृत्यु से संघर्ष करते हुए माता राजबाला ने अपनी बलि दे दी और आप क्या कुछ कर पायेंगे?ठीक यही बाबा रामदेव के साथ भी होता|जिस सरकार ने अबू हसन को खुल्लमखुल्ला प्रवर्तन निदेशालय के मानकों की धज्जी उड़ा देने की खुली छुट दे रखी हो वही बालकृष्ण के मामले पर मुखर है|क्या आप कुछ कर सकते हैं? जिसने सत्ता में आते ही अपने एजेंटों को राज्यपाल बना कर विपक्षी दलों के माथे पर दुधारी तलवार लटका दी वह सत्ता के लिए किसी का खून कर दे तो इसमें कोई भी आश्चर्य नहीं|क्या आपको याद है की जिस बूटा सिंह को बचाने के लिए पूरा कांग्रेस एकजुट हो गया था उसे कोर्ट ने धक्के मार कर बाहर करने को कहा था|

संविधान हमें शोषण के विरुद्ध अधिकार देता है और कांग्रेस हमारा भावात्मक शोषण करती है|क्या हमें विरासत में यह नहीं सिखाया गया की सन ४७ करे पुकार, लाओ नेहरु की सरकार जैसे भावनात्मक नारे लगाकर कांग्रेस ने हमसे सत्ता हस्तानान्तरण की कीमत मांगी थी? और गांधी के हत्यारों को वोट देना पाप है जैसे आधारहीन, तर्कहीन, तथ्यहीन, मनगढंत, झूठे और बेबुनियाद आरोपों के आधार पर झूठ और असत्य का सहारा लेकर सन १९५२ में चुनाव लड़ा गया और जीतने पर पंचशील का बीन बजाकर हमें पुरे विश्व के सामने नंगा कर दिया गया और हम कुछ भी नहीं कर पायें|नेहरु के मंत्रिमंडल में जीप घोटाला हुआ और नेहरु ने बेहयाई की हद तक अपने मंत्री का समर्थन किया|इंदिरा गांधी ने भ्रष्टाचार हो शिष्टाचार बना कर प्रस्तुत किया|राजीव ने कहा की विकास का १ रुपया लाभार्थी तक १० पैसे भी नहीं रहता लेकिन वे अपने पुरखों के पाप नहीं धो पायें और जनता ने क्या कर लिया?

अटल जी ने जब भी स्थिति को बदलने का प्रयास किया तो ममता बनर्जी से लेकर लालू पासवान तक सभी एक सुर में हुआ हुआ करने लगे|जार्ज फर्नांडीज पर ताबूत घोटाले के झूठे आरोप लगाये गएँ..सारी स्थितियां साफ़ हो जाने के बावजूद जनता ने क्या कर लिया?प्याज की कीमतें बढ़ीं तो तहलका मच गया और आज कांग्रेस के आते ही सबकुछ सस्ता हो गया है|३२ रुपये की हैसियत रखने वाले अमीर हो गए हैं|इतनी डरी हुई, निक्कमी और भ्रष्टाचारी सरकार तो भारत के संवैधानिक इतिहास में पहली बार है|विश्व के प्रत्येक देश का नेता पत्रकार वार्ता करता है, हमारे प्रधानमंत्री संपादक वार्ता करते हैं|जब इनके कमजोर प्रधानमंत्री होने की बात कही जाती है तो अर्थशास्त्री को शायरी का शौक चर्राने लगता है|विश्व मंच पर जाते हैं तो जर्मन इनसे हाँथ जोड़ कर मिलते हैं और ये हाँथ मिलाने लग जाते हैं|क्या आपको मनमोहन कहीं से भी प्रधानमंत्री नजर आते हैं|एक बेबस अव्वल दर्जे का लिजलिजा जीव हमारा प्रधानमंत्री कैसे हो सकता है?

राहुल की कलावती ने संसद को गुंजायमान कर दिया|गरीबों का इनसे बेहतर मसीहा तो कोई हो ही नहीं सकता|अब कहाँ है? क्या ३२, ३२ रूपये के ढेर सारे बण्डल कलावातियों को बाँट दिए गए हैं|लालजी टंडन का साडी वितरण समारोह तो सबको याद रहता है लेकिन कांग्रेस को वोट दो कह कर ठुमके लगाती अर्धनग्न बालाएं किसी को क्यों नहीं याद रहता? कहाँ चला गया कांग्रेस का वह एम पी जिसने अपनी कनपटी पर रिवाल्वर तानकर सोनिया को प्रधानमंत्री बनने का नारा बुलंद किया था? सोनिया इस देश की अघोषित प्रधानमंत्री हैं|इस देश पर स्पष्ट रूप से इटली का शासन चल रहा है ..इस बात को हमारे देश के लोग क्यों नहीं स्वीकार करते?क्या आपको कभी कभी २ रूपये के सिक्के में इसा मसीह का क्रास नहीं दीखता? लक्षित हिंसा निवारण अधिनियम के मार्फ़त इस देश से हिंदुओं को खत्म करने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है और जनता कुछ भी नहीं बोलती|

इस सरकार पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए|यह सरकार हत्यारी है, इस पर हत्या का मुकदमा चलना चाहिए|माँ राजबाले तुम्हारे निधन से राष्ट्र को अपूरणीय क्षति हुई है और हाँ हे माते! अब यह देश कलंकित हो चूका है|परमपिता परमेश्वर आपकी आत्मा को शान्ति दे|क्रीं

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