blogid : 1151 postid : 136

केन्द्रीय गृहमंत्री के नाम एक खुला पत्र

Posted On: 26 Aug, 2010 Others में

मनोज कुमार सिँह 'मयंक'राष्ट्र, धर्म, संस्कृति पर कोई समझौता स्वीकार नही है। भारत माँ के विद्रोही को जीने का अधिकार नही है॥

atharvavedamanoj

76 Posts

1140 Comments

माननीय श्री पी॰ सी॰ चिदम्बरम जी।
भगवा आतंकवाद के बारे मेँ आपके और हिन्दू आतंकवाद के बारे मेँ आपके तथा अन्य प्रगतिगामी राजनीतिज्ञोँ के विचार जानकर मन को अत्यंत ही प्रसन्नता की अनुभूति हुई।सच कहते हैँ आप और आपके समान विचारधारा वाले अन्य लोग।हिन्दू हमेशा से ही आतंकवादी रहा ही है।क्या करेँ, हठी जो ठहरा ‘प्राण जाये पर वचन न जाई’।
मैँने भी एक पाप किया है, गलती से कही से एक कुरान पा गया और उसमेँ जो कुछ भी लिखा था, यथातथ्य वर्णन कर दिया।मेरे कुछ भाई भी मेरा साथ देने लगे।उन सब की तरफ से मैँ क्षमाप्राथी हूँ।मैँ इस देश का सबसे बड़ा हिन्दू आतंकवादी हूँ, क्योँकि मैँने हिन्दुओँ की बात की है।एक काम कीजिए, आप मुझे सूली पर चढ़ा दीजिए, शायद इस देश मेँ कुछ शांति स्थापित हो सके।
आपका गुनाहगार
मनोज कुमार सिँह ‘मयंक’

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 4.67 out of 5)
Loading...

  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग