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अखंड भारत की कल्पना

Posted On: 3 Jan, 2016 Others में

Social issues

atul61

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आचार्य चाणक्य ने आज से लगभग 400 वर्ष ईसा पूर्व से अधिक पहले अखंड भारत की कल्पना की थी जिसे सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य ने साकार किया I महान सम्राट अशोक ने भारत की अखंडता को बनाये रखने के लिए बड़ी क्रूरता के साथ दो बार तक्षशिला का विद्रोह दबाया तथा उसी क्रूरता के साथ कलिंग का युद्ध लड़ा I कलिंग युद्ध में हुए भीषण नरसंहार को देखकर सम्राट अशोक बहुत ज्यादा व्यथित हो गए और उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाया व अपना शेष जीवन बौद्ध धर्म के प्रसार में लगा दिया I हिंसा से अहिंसा के मार्ग पर चलने को लेकर बौद्ध अनुयायियों ने प्रियदर्शी सम्राट का अत्यधिक यशोगान किया जिसमें अतिश्योक्ति अलंकार का बखूबी इस्तेमाल किया गया I आज यशोगान का कार्य मीडिया ने संभाला है I मीडिया का नया अवतार सोशल मीडिया यशोगान के साथ- साथ नापसंद लोगों का चरित्र हनन भी कर रहा है क्योंकि राजनीती में गाली गलौज व दूसरे का चरित्र हनन करके ही यश गाथा गायकों की श्रेणी में जुड़ा जा सकता है I
माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी की 25/12/2015 को अचानक पाकिस्तान यात्रा ने सब लोगों को चकित किया I देश हित के मद्देनज़र उठाया गया यह कदम सराहनीय है I परन्तु तत्काल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय महा सचिव माननीय राम माधव जी का कथन (भारत , पाकिस्तान व बांग्लादेश मिलकर अखंड भारत का निर्माण कर सकते हैं ) आचार्य चाणक्य की कल्पना जैसा नहीं हो सकता है I आचार्य के काल से काफी लम्बे समय बाद इसलाम धर्म का प्रादुर्भाव हुआ I आज धर्म के आधार पर इसलाम कहता है कि जितने भी इसलाम मानने वाले देश हैं वो सब एक हैं I पाकिस्तान व बांग्लादेश उस सांसकृतिक विरासत के पक्षधर नहीं हैं जिसका आधार अखंड भारत है I अखंड भारत भौगौलिक अवधारणा नहीं है यह भू – सांस्कृतिक अवधारणा है I इसलिए मोदी जी की पाकिस्तान यात्रा के तुरत बाद आने वाला यह ब्यान मोदीजी की कूटनीति को नुकसान पंहुचाने वाला है I मीडिया व सोशल मीडिया से सम्बंधित लोगों को किसी भी बयान पर अभद्र व देश को नुकसान पहुँचाने वाली प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिएI

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