blogid : 19172 postid : 1352066

जन्नत की बुनियाद .............

Posted On: 12 Sep, 2017 Others में

गहरे पानी पैठपारदर्शिता का आह्वाहन करता नैतिक ब्लॉग

Bhola nath Pal

124 Posts

267 Comments

इबादत नहीं,
आतंक –
नतमस्तक है,
उलटी गिनती है
सिफर की –
दस्तक है |
************
भडक़नें लगी समां
गुल करदो
सब ही कहें,
आफ़ताब की अगवानी है
बेसब्री है,
हलचल है !
**************
स्वच्छ हो,स्वस्थ हो
दिल भी,
दिमाग भी
घर आँगन,मुल्क में,
खुशहाली है
बरकत है l
**********
देखने लगी दुनिया
कहने लगी दुनिया
दुनियां तो दिल है
भारत –
धड़कन है I
*************
आकाश से, मुट्ठी में
भर लाये हम
अमन देखो,
इस जमीं पे
जन्नत की –
बुनियाद हमको रखनी है l
***************************

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग