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मैं भारत हूं (कविता)

Posted On: 15 Oct, 2018 Others में

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bnpal

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मैं भारत हूं
मेरे धवल् आँचल में
टांके हैं तुमने
इतने अनमोल रत्न
कि निरख निरख
इनकी अतुल्य आभा
मुखरित होता है मन
” मेरे हृदय के –
सौंदर्य तुम हो “।

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