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सुन्दरता और कामुकता से नहीं अपने ईरादों से चर्चा में रहीं इन अभिनेत्रियों की फिल्में

Posted On: 19 Dec, 2014 Others में

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भारतीय सिनेमा हमेशा से नायक प्रधान रहा है. हमारी फिल्मों में नायिका शुरू से ही ऐतिहासिक, पौराणिक, धार्मिक और पारंपरिक भूमिकाओं में रही हैं. भारतीय सिनेमा बीते सौ सालों में बहुत बदल गया है लेकिन कुछ फिल्मों को छोड़ दिया जाए तो आज भी नायिका फिल्मों में सुन्दरता, कामुकता, और बेबस महिला के रूप में ही दिखती हैं. फिल्मी नायक ही बुराइयों से लड़ता है लेकिन नायिका केवल नायक से प्यार करती है. नायक से लिए नाचती है, खाना बनाती है और बेबस हो कर गुंडों के हाथों लुटी जाती है. इन सबके बीच आज सिनेमा में कुछ नायिका प्रधान फिल्में भी बनी हैं. आईये एक नजर डालते हैं साल 2014 में बनी नायिका प्रधान फिल्मों पर:


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1. “क्वीन” :- साल 2014 की ऐसी फिल्म मानी जाती है जो पूरी तरह से नायिका प्रधान थी. यह फिल्म महिला दिवस के दिन रिलीज हुई थी. फिल्म के डायरेक्टर विकास बहल ने पूरी फिल्म को बड़ी खूबसूरती से फिल्माया है. फिल्म में नायिका कंगना रानाउत का अभिनय उनके करियर का सबसे बेहतरीन रोल माना गया था. फिल्म की कहानी एक मिडल क्लास लड़की है, जो तमाम पुरुषों मसलन पापा, भईया के साये में पलती-बढ़ती है और दुनिया की असलियत से वंच्छित धोखे का शिकार होती है. लेकिन आखिर में अपनी समझ से अपने अस्तित्व को अभारती है.


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2. “मर्दानी” :- रानी मुखर्जी इस फिल्म में बहुत ही दमदार सीनियर क्राइम ब्रांच ऑफिसर की भूमिका में दिखी हैं. यह फिल्म वुमन ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर मुद्दों पर बनी है. शिवानी रॉय (रानी मुखर्जी), जिसे सड़क पर फूल बेचने वाली लड़की ‘प्यारी’ से उसे विशेष स्नेह है. प्यारी जब वुमन ट्रैफिकिंग का शिकार हो जाती है तो तमाम कोशिशों के बाद आखिरकार गुंडों और प्रशासन से लड़ती हुई शिवानी रॉय उसे और उसके साथ फंसी लड़कियों को इस दलदल से बाहर निकालने में कामयाब हो जाती है. फिल्म में महिलाओं की शक्ति पर रोशनी डाली गई है.


3. “हाईवे” :- फिल्म हाईवे एक लड़की वीरा (अलिया भट्ट) के जीवन का दास्तां है. फिल्म में आलिया ने दमदार अभिनय किया है. फिल्म में वीर एक संपन्न परिवार की लड़की होती है पर उसे अपने ही घर में ही घुटन महसूस होती है. महाबीर भाटी (रणदीप हुडा) वीरा का अपहरण कर लेता है फिर भी वह खुश रहती है क्योंकि वह बाहर खुद को आजाद महसूस करती है. इसी तरह महाबीर के साथ रहते-रहते वीरा अपने गुस्से और नाराजगी का इजहार करना सीख जाती है और जब वीरा घर वापस लौटती है तो उस अंकल को जलील करती है जो बचपन में उसके साथ यौन-शोषण करता था.


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4. “मैरी कॉम” :- यह फिल्म विश्व चैंपियन भारतीय मुक्केबाज खिलाड़ी मैरी कॉम के जीवन पर आधारित है. इस फिल्म में मैरी कॉम का किरदार प्रियंका चौपड़ा ने निभाया है. फिल्म में मैरी कॉम मणिपुर के एक छोटे से गाँव से निकलकर विश्व चैंपियन का खिताब जीत जाती है. तमाम कठिनाईयों के बीच मैरी कॉम पांच बार विश्व चैंपियन का खिताब अपने नाम करती है. यह फिल्म महिलाओं के संघर्ष और सफलता को बहुत ही खूबसूरती से दर्शाती है.


5. “बॉबी जासूस” :– इस फिल्म में विद्या बालन ने एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया है जो एक परंपरागत मुसलमान परिवार से आती है जहां पिता का प्रभुत्व है. सभी चुनौतियों का सामना करते हुए, अपने दबंग पिता को बहादुरी से झेलते हुए, तरह-तरह के वेश बदलकर लोगों को बेवक़ूफ़ बनाने वाली जासूस का रोल विद्या ने बाखूबी निभाया है.


6. “डेढ़ इश्किया” :- यह फिल्म इश्किया का ही सीक्वल माना जा रहा था पर फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं था. अभिषेक चौबे के निर्देशन में माधुरी दीक्षित नेने और हुमा कुरैशी ने कमाल का अभिनय किया है. कमोवेस यह फिल्म नायिका प्रधान ही है. बॉक्स ऑफिस पर भी यह फिल्म ठीक-ठाक ही रही.


7. “गुलाब गैंग”:- माधुरी दीक्षित और जूही चावला की जोड़ी बिल्कुल अलग संसार में ले जाती है, जिसमें महिलाओं का संघर्ष, खुद को पाने की जद्दोजहद और सामाजिक रूढ़ियों से टकराव भी है. माधुरी-जूही का संगम गजब ढाता है. इस फिल्म ने हिंदी पट्टी में खूब रंग जमाया था. बॉलीवुड में इस तरह की फिल्में कम बनती हैं जिनमें ऐक्शन करने वाला पुरुष नहीं बल्कि महिलाएं हों.


8. “रिवाल्वर रानी” :– कंगना रानाउत ने अपनी फिल्म `रिवाल्वर रानी` से यह साबित किया है कि अब नायिका प्रधान फिल्में भी बन सकती है. लीक से हटकर फिल्में करने की प्रतिभा एवं क्षमता नायिकाओं में भी है. कंगना ने `रिवॉल्वर रानी` के अपने पात्र से स्त्री प्रधान फिल्मों की परंपरा को मजबूत किया है. हिंसा एवं मारधाड़ से युक्त यह फिल्म भरपूर मनोरंजन करती है.


9. “खूबसूरत” :-फिल्म में सोनम कपूर एक डॉक्टर मिली चक्रवर्ती है जो दिल्ली में रहती है. वह साइकोथेरेपिस्ट डॉक्टर हैं. मिली की मां मंजू चक्रवर्ती (किरण खेर) ने मिली की परवरिश ऐसे माहौल में की है जहां उसे कोई रोक-टोक नहीं है. सोनम कपूर अपने चुलबुले अंदाज से दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रही हैं. यह पूरी फिल्म नायिका के आस-पास ही घुमती है….Next


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