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"जन्नत जागरण के हजारो चाँद" (jagran junction forum)feedback

Posted On: 19 Apr, 2012 Others में

कलम...{ "हम विलुप्त हो चुकी "आदमी" नाम की प्रजातियाँ हैं" / "हम कहाँ मुर्दा हुए हमें पता नहीं".....!!! }

महाभूत

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विगत कुछ समय से मेरा मन मुझसे बार बार आग्रह कर रहा था की , जो प्रेम , सम्मान मुझे इस जागरण मंच ने दिया , मुझे भी अपने विचारो से जो बन पड़े , भावो को बुनकर जो भी भेंट जोड़ सकूँ , इस मंच को भेंट स्वरूप दूँ ,
पर शायद में सही समय से ज्यादा , इस मंच के  ह्रदय में प्रवेश करना चाहता था , शायद यह मनोभाव उसी प्रेमी की तरह हैं जिसे अपने प्रियतम से उन ढाई अक्षर प्रेम के सुनकर जो रस मिलता , वो किसी इतर छल मे नहीं मिलता
आप कह सकते  हैं की मै स्वार्थी था ,पर मेरी बात, मेरा उपहार शायद कंही भीड़ मे खुट कर दम तोड़ देते ,
तो मेने यह प्रण लिया की यदि मेरे भीतर भगवन ने वो सामर्थ्य दिया है और मे जो अपनी लेखनी पर इतराता हूँ तो इस भीड़ के गहन अंधकार  मे भी
शायद किसी जुगनू की तरह उसका ध्यान खीच लूँगा ,
और मैंने जब अपनी कविता २८ रूपए के गरीब पोस्ट की तो मे  सफल हो गया , यकीं मनिय यह मेरे जैसे व्यक्ति के लिए बहुत बड़ा सम्मान है की इस मंच ने मुझे अपने समाचार पत्र मे स्थान दिया,मेरे जीवन में मेरे साहित्य क्षेत्र में कुछ बड़ा करने का जो सहयोग इस मंच का है वो किसी प्रथम प्यार की तरह है ,
इस मंच के लिए मै अपना प्रेम अपने लिखे शेर से व्यक्त कर रहा हूँ .

***

“कैसे न कंहू तुम्हे अपना खुदा ,

जँहा देखता हूँ तुम ही तुम हो” !

***

अपने मन के भाव व्यक्त कर मन को बहुत अच्छा और हल्का महशुश हो रहा है ,

अब इस मंच की बात कर लेते हैं ,

तो ये जान लीजिये की मंच पर मुझे इतना  अभिमान है की मे दावे से कह सकता हूँ की इस मंच पर जितने बड़े कवि , हास्य कवि, कहानीकार , लेखक , समाज सुधारक , समीक्षक , देशप्रेमी , शायर ,पंडित , डॉक्टर , शायद उनकी उपस्थिति मे बड़े बड़े विद्वान भी पानी भरे ,

मंच पर लेख लिखने , विचार रखने , और प्रोत्साहन की इस भाग्दोड़ और दैनिक  जीवन की तमाम व्यस्तताओं के बीच भी जो लेख पोस्ट होते हैं उन्हें देखकर कोई भी दाँतों तले उंगलियाँ दबा ले !

अब इक और बात मै इस आलेख मे हर उस विद्वान का नाम लिखना चाहता हूँ जिसने इस मंच पर अपना कीमती समय और विचारो का बहुमूल्य उपहार दिया है  ,

पर क्या करूँ , ऐसा न कर पाना मेरी असमर्थता और मेरी नाकामी सा ही है, जिसे बड़े दुखी मन से स्वीकारता हूँ ,

***

काश कोई ऐसा सॉफ्टवेर  होता की जो मेरे इस लेख को पढता उसे अपना नाम दिखाई देता !
काश मे उनका नाम श्रेणीबद्ध न लिखकर इक वृत्त मे लिख पाता, जिसमे न कोई आगे होता है न कोई पीछे !
काश मे हर लेख पर अपने विचार दे पाता !

***

इस मंच पर जिन विद्वानों से रूबरू हो पाया , जिन्होंने मुझे लगातार सलाह सुझाव , तीखी मीठी टिप्पणियों से मेरी कमियों को काट-छाट के
प्रेम के पानी से सींचा और फलदार वृक्ष बना दिया ,

***

ये गणमान्य सज्जन साथी हैं :—

निशा मेम, अलका मेम,शशिभूषण  सर,कुशवाहा सर,अक्रक्तले सर , दिनेश सर,

रेखा मेम, JL सिंह साहब, ,Dubey Sir योगेश जी,यमुना जी, डॉ आशुतोष शुक्ल, कुमारेन्द्र सिंह सेंगर,Rajhans,मनु जी,दीप्ती जी,आशीष भाई,Abdul Rashid,पवन जी,टिम्सी मेहता, ,कुमार गौरव,bhramar साहब,सरिता जी,राजकमल जी,विक्रम जी,अनिल भाई,झा साहब,मीनू जी,महिमा जी,मिश्रा मित्र,अभी भाई ,योगी भाई सतीश जी,अजय जी,वासुदेव जी,विनीता mam,अंकुर मित्र,राय साहब, Gajendra Pratap Singh , राहुल यादव जी,तुफिल भाई, ANAND PRAVIN जी, अबोध्बलक जी, संजय जी,चंद्रेश जी, ROSHAN DHAR DUBEY JI, gopalkdas,anandvishvas, indiabhiyan, omdikshit, sombir singh saroya, jalaluddin khan, अरुण कान्त शुक्ला “आदित्य, Pandit Sameer khan, chatak ji, jagobhaijago, mataprasad, Acharya Vijay Gunjan, Subhash Wadhwa, Tamanna, Sumit, tejwanig, Santosh Kumar, vivek ji, Seema Mam,sadhna ji , sonam ji , s.p. singh,Adinathdiwan,Dabbumishra,पण्डित आर. के. राय,shaktisingh,mayankkumar, प्रकाश चन्द्र पाठक, braj kishore singhjyotsnaa mam, amit prakash,ashutosh,Meenakshi mam, utkarshsingh, madhup, mukeshkumaryadav, Khyati Sharma, vikashraj

***

आप सभी हितेषी  बुद्धिजीवों को अभिनन्दन !

इक गुजारिश सभी लेखको से किसी गुमान में ना रहे , और एक दुसरे से जुड़िय, देखीय  यँहा कितना कुछ है सीखने को

***

अंत में मेरी सुझाव पेटी :——

महोदय ,

प्राय यह देखा गया है की समय के आभाव में हम चाह कर भी कई अच्छे लेख पर टिपण्णी या उसका सब्द्पान करने से वंचित रह जाते है ,
मेरा यह सुझाव है की आप कमेंट्स के शब्दों की संख्या को फिक्स कर दें,
और यदि कोई अपने कमेंट्स देता है तो
जिस लेख या लेखक पर कमेन्ट पर किया गया है ,
उसका एक Auto Reply generate हो जाये ,
ताकि हम और रचनात्मक सहयोग कर सके ,
महत्वपूर्ण और श्रेय पाने वाले आलेखों पर टिपण्णी कर सकें ,
में चाहता हूँ की आप featured Reader blog के coloumn को लम्बा कर दे ,
क्यूंकि उस पंक्ति में नीचे जगह होने से और भी गुंजाइश है ,featured Reader ब्लॉग की संख्या बढ़ाये ,
और इक सुझाव बेस्ट ब्लॉगर ऑफ़ वीक reader द्वारा चुना हुआ भी हो .अर्थात इक आप संपादको द्वारा और इक reader द्वारा ,
क्यूंकि कई बेहतरीन आलेख आप की नजरो में नहीं आ पाते,
और समाचार पत्र में जागरण junction junction  के  साथ  Reader Blog लिखा हो  , जिससे  नव लेखको को इस मंच का बोध हो सके ,
और इक रोष मूलत: इस मंच पर कविओं को आप जाने क्यूँ तवज्जो नहीं देते ,
ना ही वो सम्मान , जबकि कवि घंटो परिश्रम कर के गढ़ता है कविता,
पर कुछ समय से आपने मेरे रोष को उन कविताओं के स्थान देकर ,यह व्यथा दूर कर दी ,
और ब्लॉग के MAIN PAGE पर रचनाकारों की सूची नाम की HEADING हो जिस पर CLICK करने पर इक पेज रचनाकारों के नाम की सूची का खुले ,
और वर्तमान समय में कुल रचनाकारों की संख्या इत्यादि,
और सबसे सुन्दर सुझाव देने वाले बन्धु को सम्मानित कर आप इस पल को और यादगार बना सकते है

अंत मे “जन्नत जागरण के हजारो चाँद” की कलम और लेखन शक्ति को मेरा सम्मान ,
और जागरण मंच को यह विश्वाश , क्यूंकि वादों की कोई जात नहीं होती ,
की जीवन भर अब आपका गुलाम हूँ , जब तक मंच होगा मै आपके साथ हूँ

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