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**** फाल्गुन मे अमवा पर कोयलिया ****

Posted On: 6 Mar, 2012 Others में

कलम...{ "हम विलुप्त हो चुकी "आदमी" नाम की प्रजातियाँ हैं" / "हम कहाँ मुर्दा हुए हमें पता नहीं".....!!! }

महाभूत

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images****  फाल्गुन मे अमवा पर कोयलिया  ***

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फाल्गुन मे अमवा पर बैठी कोयलिया मतवारी,

कूक कूक होली के फाग गीत अल्पाए,

मै जग सारी होरी  देखूं  कोई मोहे भी रंग जाए !

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पीहर मे सजनिया पिया पर भरभर रंग गगरी डारे,

थक हारी पर कारे मनबसिया पर रंग ना फूटे हाय,

प्रेम रंग जो घोरे प्रेम गुलाल लगाए तन क्या रूहमन तक रंग जाए !

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रंगमारे, मधुमारे, रंगीले रसिया, होली हुडदंग संग गलियों मे,

ढोल, तुंग, मंजीरा बजा, रंग अबीर उड़ा, हु हल्ला मचाए,

उस गोरी का ब्याह ना होवे जो हमसे रंग ना लगवाए !

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है मनभावन मथुरा, गोकुल, बृज, वृन्दावन, बरसाने की होली,

राधा रानी मंदिर मे लट्ठमार ठिठोली संग फूलो की रंगोली,

सीखो प्रेम का मतलब गोपियन की गारी पर कैसे कान्हाजी मुस्काए !

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छुटे ना कोई दीन हीन दुखियारा, ना दर्द से मारा जाए,

भूखे पेट रंग बेरंग होवे, पिचकारी फुहार भी सताए,

बांटो होली मे मालपुआ की शहर सतरंगी स्वर्ग सा रंग जाए !

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रंग ना देखे मजहब प्यारे, रंग ना जाने जात,

रंग अजातशत्रु, रंगमन ना कोई भेदभाव,

जब जग जिस तन रंग गिरे बस रंगरसिया ही कहलाए !

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एक ऐसो रंग दो मेरो मौलाजी जिसे जाको दूँ लगाए,

चोर साधू बने, प्रजातंत्र भ्रष्टमुक्त हो जाए,

जा मलू जब सीने, मन भारतपन रंग चढ़ जाए !

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Happy Holi to all “Danik jagran family”.

from chandan Rai & family

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