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Career in Cinematography-सिनेमेटोग्राफी में कॅरियर बनाए

Posted On: 9 Jul, 2011 Others में

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cinematography फिल्मी दुनिया का नाम आते ही ग्लैमर, अकूत पैसा और शोहरत जैसी चीजें आंखों के सामने घूमने लगती हैं। लेकिन, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए जरूरी संघर्ष की कहानी वही लोग समझ सकते हैं, जिन्होंने यहां अपना अलग स्थान हासिल किया है। लेकिन, नई पीढी का न उत्साह कम है और न ही अपने पंखों को उडान देने में उन्हें किसी प्रकार की हिचक है। एक सिनेमा (Cinema) बनाने में पर्दे के पीछे और आगे बहुत सारे लोग काम करते हैं, लेकिन इनमें से कम प्रोफेशनल्स (Professionals) को ही लोग जानते हैं। प्यासा (Pyaasa), कागज के फूल (Kaagaz Ke Phool) व साहब बीवी और गुलाम (Sahib Bibi Aur Ghulam) जैसी क्लासिकल फिल्मों के सिनेमेटोग्राफर वी.के. मूर्ति (Cinematographer V K Murthy) को दादा साहब फाल्के पुरस्कार (Dadasaheb Phalke Award) से नवाजा गया था। अगर आप हर साल दिए जाने वाले ऑस्कर (Oscar), गोल्डन ग्लोब (Golden Globe Award), ग्रैमी (Grammy), नेशनल फिल्म पुरस्कारों (National Film Awards) पर गौर करें, तो हर साल ऐसे लोग सम्मानित होते मिल जाएंगे, जिन्होंने अपनी तकनीकी कला (Technical Art) से फिल्मों (Films) में जान डाल दी। यदि दृश्यों की अच्छी समझ है, तो आपके लिए सिनेमेटोग्राफी (Cinematography) में बेहतर कॅरियर (Career) है।


क्या है सिनेमेटोग्राफी (Cinematography)

सिनेमेटोग्राफी (Cinematography) एक टेक्निकल काम है, जो दृश्यों (Scene) को जीवंत बना देता है। गाइड (Guide), मुगल-ए-आजम (Mughal E Azam), पत्थर के फूल (Patthar Ke Phool), राजू चाचा (Raju Chacha), साजन (Saajan), बॉर्डर (Border) जैसी न जाने कितनी ऐसी फिल्में हैं, जिन्हें उनके फिल्माए गए दृश्यों के कारण ही याद किया जाता है। एक अच्छा सिनेमेटोग्राफर (Cinematographer) कहानी के हिसाब से सीन और डायरेक्टर के अनुसार कैमरा और लाइटिंग (Camera and Lighting) एडजेस्ट करने का काम करता है। उसे विजुलाइजेशन और लाइटिंग (Visualization and Lighting) की सटीक जानकारी होती है और उसके पास व्यावसायिक तकनीकी (Professional Technical) ज्ञान, क्रिएटिविटी (Creativity) का भी समायोजन (Adjustment) होता है।


जरूरी है कैमरा (Camera)

सिनेमेटोग्राफी (Cinematography) में मोशन पिक्चर कैमरे (Motion Picture Cameras) की जरूरत होती है, जो अन्य कैमरों से कहीं अलग होता है। इस कैमरे का बखूबी प्रयोग वही कर सकता है, जिसने इसका अच्छी तरह से प्रशिक्षण लिया हो। सिनेमेटोग्राफर (Cinematographer) डायरेक्टर के साथ सीन को विजुलाइज (Visualize) करता है। दिन, रात, सुबह, शाम, बारिश और आंधी जैसे सीन को कब और किस एंगिल से लेना है, इसमें उसे महारथ होती है। आज स्टंट सीन (Stunts Scenes) सिनेमेटोग्राफी का बढिया उदाहरण हैं। इस तरह के सीनों का अधिकतर फिल्मों में बहुत उपयोग हो रहा है। फिक्शन (Fiction), एडवरटाइजिंग  (Advertising) और डॉक्यूमेंट्री फिल्म (Documentary Film) के लिए कैमरे का कैसे प्रयोग करना है, इसकी उसे पूरी-पूरी जानकारी होती है।


क्या हैं कोर्स  (Course)

देश में कई संस्थान सिनेमेटोग्राफी (Cinematography) के कोर्स करा रहे हैं। अगर आप इस कोर्स को करना चाहते हैं तो डिप्लोमा (Diploma) और शार्ट टर्म दोनों ही तरह के ऑप्सन्स आपके सामने हैं। इसके अलावा सर्टिफिकेट और पीजी कोर्स (Certificate and P.G. Course) भी किया जा सकता है। सिनेमेटोग्राफी का कॅरियर (Career) महत्वपूर्ण तो है ही साथ ही साथ जिम्मेदारी का भी है। इंस्टीट्यूट में स्टूडेंट को पढाई के दौरान कैमरा हैडलिंग (Camera Handling), कैमरा शॅाट (Camara Short), एंगल, मूवमेंट (Angle Movement), लाईटिंग (Lighting) और कंपोजीशन (Composition) के अलावा टेक्निकल जानकारी (Technical Information) दी जाती हैं।


Career in Cinematographerशैक्षिक योग्यता  (Educational qualifications)

सिनेमेटोग्राफी (Cinematography) का कोर्स करने के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से 12वीं या उसके समकक्ष होना जरूरी है। पीजी (Post Graduation)  लेबल का कोर्स तभी किया जा सकता है, जब ग्रेजुएशन कम्प्लीट हो गया हो।


किनके लिए

यह काम पूरी तरह तकनीकी और कल्पना पर आधारित है, जो अपनी कल्पना के जरिए दृश्यों को जीवित करने की काबिलियत रखता है और जिसे कैमरे की सभी बारीकियों की अच्छी जानकारी है।


सिनेमेटोग्राफी और फोटोग्राफी  (Cinematography and Photography)

दोनों के बीच तकनीकी अंतर है। जब आप चलते-फिरते दृश्यों को लाइटिंग का ध्यान रखते हुए डिजिटल कैमरे में कैद करते हैं, तो यह काम सिनेमेटोग्राफी (Cinematography) कहलाता है। इसमें मोशन पिक्चर कैमरे (Motion Picture) का इस्तेमाल होता है, जो सामान्य कैमरों से अलग होता है। इसे हैंडल करने के लिए आपको प्रशिक्षण लेना पडता है। कैमरा प्लेसमेंट, सेट या लोकेशन पर लाइटिंग की व्यवस्था, कैमरा एंगल आदि को ध्यान में रखते हुए सिनेमेटोग्राफर डायरेक्टर के साथ सीन विजुअलाइज करता है। वहीं फोटोग्राफिक फिल्म या इलेक्ट्रॉनिक सेंसर पर स्टिल या मूविंग पिक्चर्स को रिकॉर्ड करना फोटोग्राफी (Photography) कहलाता है।


अवसर (Opportunities)

इस कोर्स को करने के बाद फिल्म और सीरियल (Film and Serial) में काम मिल सकता है। इसके साथ-साथ एडवरटाइजिंग और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों (Advertising and Documentary Films) के लिए भी आप काम कर सकते हैं।


वेतन (Salary)

शुरुआती दौर में एक सिनेमेटोग्राफर (Cinematographer) को 7000 से 8000 रुपये प्रति माह वेतन (Monthly Salary) मिलता है। अनुभव के साथ-साथ आय में भी इजाफा होता जाता है।


प्रमुख संस्थान (Main Institute)

फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया-पूना

सत्यजीत रॉय फिल्म इंस्टीट्यूट-मुंबई

सेंट्रल फॉर रिसर्च आर्ट ऑफ फिल्म ऐंड टेलीविजन, 272 नाहरपुर, रोहिणी दिल्ली

एशियन एकादमी ऑफ फिल्म ऐंड टेलीविजन-नोएडा

चेन्नई फिल्म स्कूल तमिलनाडु


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