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प्रणयोत्सव पर्व: उस अधूरे प्रेम पत्र को करें पूरा

Posted On: 29 Jan, 2014 Others में

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जागरण Contest

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प्रिय पाठकों,


हम एक बार फिर यहां आपसे मुखातिब हो रहे हैं लेकिन इस बार का मुखातिब होना थोड़ा अलग है। नए वर्ष की शुरुआत सर्दियों से होती है। गर्म वस्त्र और ठंडी हवाएं कहीं अलसाई सी आहट देती हैं। इसके ठीक एक महीने बाद सर्दियों को विदाई देने की बेला में हवा की तासीर बदल चुकी होती है। जाती हुई हल्की ठंड और आती हुई गर्मियों की आहट की मिली-जुली वह बेला एक अलग ही अनुभूति देती है। हवा में एक अलग सा खुमार होता है। प्रेमी जोड़ों के लिए यह उल्लास का वक्त होता है। पश्चिमी देशों में इसी वक्त प्रेमी जोड़ों को समर्पित वैलेंटाइन उत्सव मनाया जाता है। भारत में यह शिशिर की विदाई और बसंत के आगमन की आहट का वक्त होता है। इसी वक्त के दौरान पौराणिक शास्त्रों में कामदेव की क्रीड़ा का उल्लेख किया गया है। इस तरह पश्चिम और पूरब दोनों के लिए यह प्रेमोल्लास का वक्त होता है। एक प्रकार से प्रकृति ने हमें नैसर्गिक रूप से एक ‘प्रणय माह’ दिया है जिसमें संपूर्ण प्राकृतिक वातावरण प्रेममय अनुभूति के साथ घटित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जागरण जंक्शन फरवरी के इस माह को ‘प्रेम माह’ के रूप में मनाते हुए ‘प्रकृति प्रेमोत्सव पर्व’ का आयोजन कर रहा है।


सरसता के आगमन का उल्लास तभी आएगा जब नीरसता जाएगी और नीरसता तभी जाएगी जब प्रेम भाव आएगा। हालांकि प्रेम के अर्थ अनेक हैं। किंतु प्रेम की प्रणय अभिव्यक्ति मासूम और नीरसता से परे एक भावनात्मक एहसास है। पर्व का आयोजन और शैली जाहिर है परिवेश और महत्ता के अनुकूल होती है। क्योंकि यह मंच रचनात्मकता का है और उत्सव प्रणय और प्रेम निवेदन का है इसलिए रचनात्मकता में इस प्रेम भाव के बिना नीरसता का भाव होगा।


अतः आप फरवरी माह में 28 दिनों के लिए जागरण जंक्शन मंच पर अपनी नीरसता को भूलकर एक सरस और भावात्मक रचनात्मक जीवन में उतरते हुए निम्न श्रेणियों में अपनी रचनाएं भेज सकते हैं:


1. यादों के लम्हों से प्रेमाभिव्यक्ति: मोबाइल और ई-कार्ड्स के जमाने में आज भले ही प्रेम पत्रों की कोई बहुत उपयोगिता नहीं रह गई हो लेकिन आकर्षण प्रेम का वह पक्ष है जिसे झुठलाया नहीं जा सकता। कभी न कभी, किसी न किसी के लिए आपने भी आकर्षण महसूस किया होगा। हो सकता है तब आपने कोई प्रेम पत्र लिखना चाहा हो और लिख न सके हों, हो सकता है आपने लिखा हो और कहीं किसी कोने में छुपाकर रख दिया हो या फाड़कर फेंक दिया हो। अब इस मंच पर आप अपने उस पुराने खत को पूरा कर सकते हैं। इस प्रेमोत्सव में आप चाहें तो अपनी प्रणय यादें, रचनाएं प्रेम-पत्र के रूप में लिख सकते हैं।

2. दिल से जुड़ी जो कहानी: प्रेम कहानियां जितनी लिखी और पढ़ी जाती हैं उनमें से कहीं ज्यादा असलियत में बनती हैं। इसके अंतर्गत सत्य या स्व-रचित प्रेम कहानियां दी जा सकती हैं।

3. प्रणय काव्य: काव्य का भावनाओं से और भावनाओं से प्रेम का गहरा संबध है। अगर आपकी भी प्रणय अभिव्यक्ति काव्य रूप में है तो यह आपके लिए ही है। अपने प्रेम काव्य प्रविष्टि के रूप में शामिल करें।

4.समभाव अभिव्यक्ति: अगर सामाजिक परिपेक्ष्य में इस प्रकृति प्रेमपर्व पर आपकी कोई राय है तो निम्न अभिव्यक्ति के अंतर्गत सामान्य आलेख के रूप में अपनी कृतियां शामिल कर सकते हैं:

-तथ्यात्मक विवरणी

-रचनात्मक आलोचना

-परंपराओं का तुलनात्मक अध्ययन (प्राच्य एवं पाश्चात्य)

-व्यंग्यात्मक शैली


नियम एवं शर्तें


अवधि: 1 फरवरी – 28 फरवरी 2014

अर्हता: जागरण जंक्शन रीडर सेक्शन के सभी वर्तमान सदस्य इस प्रतियोगिता के लिए पात्र हैं।

प्रविष्टियां: प्रतियोगिता की अवधि में उपर्युक्त में किसी भी श्रेणी के अंतर्गत प्रविष्टियां देने के लिए यूजर स्वतंत्र हैं। एक से अधिक श्रेणियों में, एक से अधिक कितनी भी प्रविष्टियां शामिल कर सकते हैं।

नोट: केवल प्रतियोगिता की अवधि के दौरान प्रकाशित रचनाएं/प्रविष्टियां ही मान्य होंगी। यदि कोई प्रतियोगी किसी पूर्व प्रकाशित रचना को प्रतियोगिता में शामिल करना चाहता है तो इसके लिए यूजर को पूर्व में प्रकाशित उस रचना का लिंक ज्यों-की-त्यों पेस्ट करने की बजाय उसे दुबारा प्रकाशित कर उसके लिंक को शामिल करना होगा। अन्यथा रचनाएं स्वयं ही प्रतियोगिता से बाहर समझी जाएंगी।


भाषा: केवल हिंदी भाषा में प्राप्त प्रविष्टियां ही मान्य होंगी।


*ब्लॉग पोस्ट नियम:

ब्लॉग प्रकाशित करते हुए कैटगरी में Contest सेलेक्ट करें या शीर्षक में हिंदी या अंग्रेजी में Contest कॉंटेस्ट अवश्य लिखें।


-प्रतियोगिता के लिए प्रकाशित ब्लॉग (प्रविष्टि) पोस्ट का लिंक इस आमंत्रण ब्लॉग के रिप्लाई कॉलम में जाकर अवश्य पोस्ट कर दें।


चयन पद्धति: हर श्रेणी में तीन प्रशंसित प्रविष्टियां चुनी जाएंगी। प्राप्त प्रविष्टियों (ब्लॉग पोस्ट्स) का संपादक मंडल की अनुशंसा, अन्य ब्लॉगरों से प्राप्त सार्थक टिप्पणियों की संख्या तथा उनको मिले यूजर रेटिंग के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।


*विशेष सम्मान

प्रेम और प्रेमाभिव्यक्ति को किसी स्तर पर आंका नहीं जा सकता। फिर भी क्योंकि यह प्रतियोगिता है इसलिए हर श्रेणी से चुनी गई 3 सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को निम्न उपाधि से सम्मानित किया जाएगा:

यादों के लम्हों से प्रेमाभिव्यक्ति: प्रणय भाव प्रवीण

दिल से जुड़ी जो कहानी: प्रेम गद्य रंजन

प्रणय काव्य: प्रेमरस कवि रंजन

समभाव अभिव्यक्ति: अभिव्यंजक श्रेष्ठ


अन्य:

-इस प्रतियोगिता में भारत समेत पूरे विश्व के प्रतियोगी हिस्सा ले सकते हैं।

-प्रतियोगिता की अवधि के दौरान पंजीकृत नए यूजर भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

-अभद्र, अश्लील, सामुदायिक, धार्मिक भावना को आहत करने वाले तथा व्यक्तिगत टिप्पणी या लांछन वाले ब्लॉग पोस्टस् को प्रतियोगिता के लिए अयोग्य समझा जाएगा।

-प्रतियोगिता के संबंध में किसी भी तरह के विवाद के लिए न्यायिक क्षेत्र ‘दिल्ली’ होगा.

इस संदर्भ में किसी भी प्रकार की समस्या/अन्य स्पष्टीकरण के लिए आप feedback@jagranjunction.com पर मेल कर सकते हैं।


नोट: प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए आपको अलग से आवेदन करने या ब्लॉग बनाने की आवश्यकता नहीं है। जागरण जंक्शन पर पंजीकृत रीडर सेक्शन का कोई भी यूजर इसमें भागीदारी कर सकता है।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार

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