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पानी-पुरी के ठेले पर काम करते थे यशस्वी, अंडर-19 एशिया कप में बनाए सबसे ज्यादा रन

Posted On: 9 Oct, 2018 Sports में

Shilpi Singh

क्रिकेट की दुनियाक्रिकेट की हर हलचल पर गहरी नजर के साथ उसके विविध पक्षों को उकेरता ब्लॉग

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अंडर-19 एशिया कप में भारत ने एक बार फिर से एशिया कप अपने नाम कर लिया है। बता दें एशिया कप में भारत ने श्रीलंका को हराकर छठी बार टूर्नामेंट अपने नाम किया। हालांकि इस जीत में भदोही, उत्तर प्रदेश के यशस्वी जायसवाल जीत के हीरो रहे। ऐसे में चलिए जानते हैं आखिर कौन हैं यशस्वी जायसवाल जिन्होंने मुंबई में पानी-पुरी के ठेले पर काम करते हुए खुद के सपनों को पर दिया और आज हर कोई उन्हें सलाम कर रहा है।

 

 

यशस्वी ने 318 रन बनाए

यशस्वी ने एशिया कप में 79.50 की औसत से सबसे ज्यादा 318 रन बनाए। टीम इंडिया के विजेता बनने में अहम भूमिका निभाने वाला यह खिलाड़ी मुंबई में पानी-पुरी के ठेले पर काम करता था। यशस्वी ठेले के स्टाफ के लिए रोटियां बनाते थे। वहां उन्हें पैसे के साथ खाना दिया जाता था।

 

 

जब बाहर सोने को हुए मजबूर

यशस्वी जब 2012 में मुंबई आए तो रहने के लिए उनके पास जगह नहीं था। एक डेयरी दुकान के बाहर सोने पर उन्हें वहां से जबरन हटाया गया था। इसके बाद आजाद मैदान में मुस्लिम यूनाइटेड क्लब के तम्बू में ग्राउंड्समैन ने यशस्वी को जगह दी।

 

 

टेंट में रहते हुए क्रिकेट खेला, पानी पूरी भी बेची

यशस्वी मुस्लिम यूनाइटेड क्लब के टेंट में रहने लगे। पिता घर से बेटे यशस्वी को कुछ पैसे भेजते रहते, लेकिन यह कभी भी पर्याप्त नहीं होते थे। यशस्वी क्रिकेट खेलते और खेल से बचे समय में कुछ काम भी करते, वे खेल से वक्त बचाकर पानी पूरी बेचने लगे। कभी-कभी फल भी बेच लेते थे, इससे उनका गुजारा होने लगा।

 

 

कोच ज्वाला सिंह ने की मदद

यशस्वी के क्रिकेट को संवारने का श्रेय कोच ज्वाला सिंह को जाता है। ज्वाला सिंह ने बताया, ‘मैंने यशस्वी को पहली बार 2013 में आजाद मैदान पर नेट्स पर बैटिंग करते हुए देखा। तब वह 11-12 साल का रहा होगा। यशस्वी से बात करने पर पता चला कि वह टेंट में रहता है। मैं यह सुनकर हैरान था कि इतना छोटा बच्चा टेंट में इसलिए रहता है, ताकि उसे खेलने का मौका मिलता रहे। मैंने उसे घर बुलाया, उससे बातचीत और नेट्स पर खेल देखने के बाद फिर फ्री कोचिंग देनी शुरू कर दी’।

 

 

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है यशस्वी

यशस्वी का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है, उन्होंने एक स्कूल क्रिकेट मैच में नाबाद 319 रन बनाए और गेंदबाजी में दोनों पारियों को मिलाकर 99 रन पर 13 विकेट लिए। स्कूल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन और विकेट का यह एक रिकॉर्ड है। अंडर-19 टीम में चयन से पहले उन्हें मुंबई के अंडर-16 टीम में शामिल किया गया था।

 

 

पिछले तीन साल में 51 शतक

यशस्वी के कोच ने कहा, ‘पिछले तीन साल में उसने 51 शतक लगाने के साथ-साथ 200 विकेट भी लिए। उसे बड़े स्कोर बनाने की आदत है। अगर वह इसी तरह बड़े टूर्नामेंट में रन बनाते रहा तो एक दिन भारत के लिए जरूर खेलेगा’। एशिया कप फाइनल में यशस्वी ने 113 गेंद पर 85 रन बनाए।…Next

 

 

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