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दुनिया की सबसे तेज गेंदबाजों में से एक हैं झूलन, प्रैक्टिस के लिए सुबह 5 बजे पकड़ती थी ट्रेन

Posted On: 25 Nov, 2018 Sports में

Shilpi Singh

क्रिकेट की दुनियाक्रिकेट की हर हलचल पर गहरी नजर के साथ उसके विविध पक्षों को उकेरता ब्लॉग

Cricket

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महिला क्रिकेट को न तो मीडिया में कुछ खास तरजीह दी जाती है और न ही उन खिलाड़ियों के प्रति फैन्स में कुछ खास रुचि दिखती है। लेकिन हकीकत ये है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम में कई ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने मैदान में बड़े-बड़े कारनामे अंजाम दिए हैं। आज ऐसी ही एक क्रिकेटर का जन्मदिन है, नाम है झूलन गोस्वामी भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम हमेशा से ही एक अदद तेज गेंदबाज के लिए जूझती रही है। बहुत कम ही लोगों को पता होगा कि महिला टीम की स्टार गेंदबाज झूलन गोस्वामी दुनिया की सबसे तेज गेंदबाजों में से एक है। ऐसे में चलिए जानते हैं उनके बारे में कुछ खास बातें।

 

 

झूलन बन गई तेज गेंदबाज

झूलन गोस्वामी का जन्म बंगाल के नदिया जिले में 25 नवम्बर 1982 को हुआ। झूलन बचपन में अपने घर के आसपास के लड़कों के साथ टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला करती थीं। लेकिन इनकी रफ़्तार इतनी कम थी कि लड़के इनको चिढ़ाते और कहते थे कि बॉलिंग तुम्हारे बस की नहीं, तुम बैटिंग कर लो। ये बातें झूलन को बहुत चुभी और उन्होंने उसी दिन फैसला किया वो तेज गेंदबाज बनेंगी। झूलन बताती हैं कि 1997 महिला विश्व कप का फाइनल मैच टीवी पर देखने के बाद उनके मन में पहली बार भारत के लिए खेलने की इच्छा जागी थी।

 

 

एक छोटे से शहर से आती हैं

दुनिया की सबसे तेज महिला गेंदबाज रही झूलन, बचपन में झूलन टेनिस गेंद से लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थीं। बड़ी होने के साथ झूलन की क्रिकेट में दिलचस्पी बढ़ी और उन्होंने इसे सीखने के लिए स्टेडियम जाने की सोची। झूलन के शहर में क्रिकेट की कोई सुविधा न होने के कारण उन्हें इसे सीखने के लिए कोलकाता आना पड़ता था।

 

 

सुबह 5 बजे पकड़ती थी रोज ट्रेन

झूलन रोज सुबह 5 बजे उठकर चकदाह से सियालदाह के लिए ट्रेन पकड़ती और फिर वहां से बस से सफर कर 7:30 तक क्रिकेट प्रैक्टिस पर पहुंचती थी। फिर 9:30 के बाद उन्हें 2 घंटा सफर कर स्कूल जाना पड़ता था। गोस्वामी उन दिनों को याद करते हुए बताती है रोजाना की इन 4 घंटोम के सफर ने उन्हें मानसिक रुप से मजबूत किया।

 

 

इंग्लैंड के खिलाफ खेला पहला मैच

झूलन की प्रतिभा को देखते हुए 19 साल की उम्र में बंगाल महिला क्रिकेट टीम में शामिल कर लिया गया। जल्द ही झूलन को भारतीय महिला टीम में भी शामिल कर लिया गया और इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में खेले गए वनडे मैंच में पर्दापण किया। झूलन ने अपेन करियर में अभी तक दो बार 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं।

 

 

सिर्फ 10 टेस्ट मैच खेले

15 साल में सिर्फ 10 टेस्ट मैच खेले भारतीय महिला क्रिकेट टीम को ज्यादा टेस्ट मैच खेलने को नहीं मिलता है यही वजह है कि झूलन ने अपने 15 साल के कैरियर सिर्फ 10 टेस्ट मैच ही खेले हैं। इंग्लैंड के खिलाफ 2006 में खेले गए एक टेस्ट मैच में दोनों पारियों में 5 विकेट लिए थे।

 

पद्म श्री से नवाजी जा चुकी हैं झूलन

2007 में झूलन को आईसीसी वूमन क्रिकेटर ऑफ द ईयर के खिताब से नवाजा गया था। 2010 में झूलन को भारत सरकार ने अर्जुन पुरस्कार से नवाजा था। इसके बाद साल 2012 में उन्हें पद्रम श्री से भी वनाजा गया था। झूलन ने 2008 से 2011 तक भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी भी की है। ऑलराउंडर झूलन ने टीम इंडिया के लिए 10 टेस्ट और 135 वनडे खेले हैं। 10 टेस्ट मैचों में इन्होंने 40 विकेट झटके और 283 रन बनाए, 135 वनडे में झूलन के नाम 161 विकेट और 736 रन हैं।

 

 

चकदहा एक्सप्रेसनाम से आएगी फिल्म

तेज गेंदबाज झूलन गोस्‍वामी के जीवन पर फिल्‍म बनाने की तैयारी भी हो रही है। झूलन पर बनने वाली इस बायोपिक का नाम ‘चकदहा एक्सप्रेस’ होगा। जिसमें झूलन के गृहनगर नगर नादिया से 2017 महिला विश्व कप फाइनल की मेजबानी करने वाले लॉर्ड्स तक की कहानी होगी। हिन्दी में बनने वाली इस फिल्म का निर्देशन सुशांत दास करेंगे।…Next

 

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