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क्रिकेट छोड़कर जूते की फैक्टी में काम करने लगे थे शिखर धवन, ऐसे हुई थी वापसी

Posted On: 18 Feb, 2019 Sports में

Shilpi Singh

क्रिकेट की दुनियाक्रिकेट की हर हलचल पर गहरी नजर के साथ उसके विविध पक्षों को उकेरता ब्लॉग

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पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बाद अब भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के परिवारों की मदद के लिए आगे आए हैं। धवन ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर वादा किया है कि वह शहीद जवानों के परिवार की मदद करेंगे। उन्होंने साथ ही अन्य लोगों से भी जवानों के परिवार की मदद करने की अपील की है। इससे पहले सहवाग ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों के बच्चों की पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया है। जहां एक तरफ लोग शिखर की तारीफ कर रहे हैं वहीं उनका एक इंटरव्यू वायरल है जिसमे उन्होंने अपने स्ट्रगल के दौर को याद किया औऱ बताया है कि कैसे उन्होंने ये सफर तय किया।

 

 

शहीद जवानों के लिए जितना भी मुझसे हो सकेगा मैं उतना करूंगा

 

 

धवन ने वीडियो पोस्ट कर कहा, ‘हमारे 40 जवान शहीद होने से देश को काफी दुख पहुंचा है। जवानों के परिवार को भी बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई तो नहीं की जा सकती। लेकिन मैंने शहीद परिवारों की मदद करने का फैसला किया है। जितना भी मुझसे हो सकेगा मैं उतना करूंगा।मैं आप सबसे भी यही गुजरिश करूंगा कि जितना हो सके शहीद परिवारों का सपोर्ट करें। यही वक्त है हम आगे बढ़ें और हमारे भाइयों के परिवारों को सपोर्ट करें। भगवान हमारे शहीद जवानों की आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को खूब शक्ति दे कि वो आगे बढ़ें, जय हिंद’।

 

अंडर-16 टीम से किया गया ड्रॉप

बहुत कम लोग जानते होंगे कि एक वक्त ऐसा आया, जब धवन ने क्रिकेट छोड़ दिया था और अपने मौसा के पास नौकरी करने लगे थे। धवन ने एक इंटरव्यू में बताया कि, ‘2001 में दिल्ली के लिए पहली बार अंडर-16 टीम में खेला, लेकिन दो मैच के बाद मुझे ड्रॉप कर दिया गया। उस दौरान शिखर को लगा कि शायद अबवो क्रिकेट में कुछ नहीं कर पाएंगे इसलिए उन्होंने इससे दूरी बनाने की सोची और अपने मौसाजी के जूतों की फैक्ट्री में काम करने लगे। शिखर के जूतों की फैक्ट्री बहादुरगढ़ में है।

 

 

सेल्समैन के साथ बॉक्स लेकर खड़ा रहता था

धवन ने जूतों की फैक्ट्री में काम करना शुरू किया और मेरा काम सिर्फ सेल्समैन के साथ बॉक्स पकड़कर खड़ा रहना होता था। यह काम मैंने एक-दो दिन किया, लेकिन फिर रहा नहीं गया तो मैं फिर वापस खेलने आ गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें स्ट्रगल हमेशा से पसंद रहा है। चाहे वह क्रिकेट टीम से बाहर जाना हुआ हो या लंबी दूरी तय करते हुए स्टेडियम पहुंचना रहा हो।

 

 

वाइफ से सीखा नाकहना

फिलहाल टीम इंडिया के सबसे सफलतम ओपनर्स में से एक शिखर ने बताया कि किस तरह उन्हें वाइफ आयशा से काफी कुछ सीखने को मिला। उन्होंने कहा- हम सभी भारतीय-पंजाबी कल्चर से आते हैं। जहां सभी बातों को हां जी, हां जी… कहा जाता है। कभी ‘ना’ नहीं करते। लेकिन आयशा)सीखा कि कैसे ‘नहीं’ कहते हैं। वह हंसते हुए कहते हैं, अब मैं आधा मेलबर्न वाला भी बन गया हूं।

 

 

अपने घर का सारा काम खुद करते हैं

शिखर धवन आज भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं और अपनी धारदार बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने भारत को कई मुकाबले भी जिताए हैं। धवन के बारे में एक बात ये भी मशहूर है कि वो अपने घर का सारा काम खुद करते हैं, खाना बनाने से लेकर घर की सफाई तक की जिम्मेदारी उनकी होती है जब भी वो घर में होते हैं। वहीं, इस 24 फरवरी से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलिया के साथ सीरीज में भी इस खिलाड़ी का जलवा देखने को मिलेगा।…Next

 

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