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कभी तेज गेंदबाजी करते थे फिरकी मास्टर मयंक मार्कंडेय, IPL के बाद बने भारतीय टीम का हिस्सा

Posted On: 18 Feb, 2019 Sports में

Shilpi Singh

क्रिकेट की दुनियाक्रिकेट की हर हलचल पर गहरी नजर के साथ उसके विविध पक्षों को उकेरता ब्लॉग

Cricket

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इंग्‍लैंड लायंस के खिलाफ सीरीज के दूसरे और अंतिम अनधिकृत टेस्‍ट मैच की दूसरी पारी में 5 विकेट झटकने वाले युवा लेग स्पिनर मयंक मार्कंडेय को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने ऑस्‍ट्रेलिया खिलाफ आगामी टी-20 सीरीज के लिए सीनियर टीम में शामिल कर बड़ा इनाम दिया है। मयंक ने पिछले कुछ महीनों से शानदार प्रदर्शन दिखाया है, अब उन्हें इसका इनाम भारतीय टीम में जगह के तौर पर मिला है। ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम दो मैचों की टी-20 सीरीज खेलेगी। भारतीय टीम पहला टी-20 विशाखापत्‍तनम में 24 फरवरी को जबकि दूसरा 27 फरवरी को बैंगलोर में खेलेगी। इस लिस्ट में अपना नाम देखर मंयक हैरान भी हैं खुश भी हैं। ऐसे में चलिए एक नजर, उनके अबतक के करियर पर।

 

 

पंजाब के पटियाला शहर से हैं मंयक

11 नवंबर 1997 को पंजाब के पटियाला शहर में जन्‍मे इस खिलाड़ी ने अपनी हाई स्‍कूल की पढ़ाई पटियाला के अवर लेडी ऑफ फातिमा कॉन्‍वेंट स्‍कूल से की है। हालांकि उनका परिवार मूलत: महाराष्‍ट्र का है, लेकिन रोजगार की तलाश में वो काफी समय पहले पंजाब शिफ्ट हो गए थे।

 

 

16 साल की उम्र में अंडर-19 टीम में जगह मिली थी

बचपन से ही क्रिकेट में दिलचस्‍पी रखने के कारण इस युवा 16 साल की उम्र में पंजाब की अंडर-19 टीम में जगह मिली थी। इसके बाद मयंक को 2016 में इंडिया अंडर-19 में जगह मिली। जबकि पंजाब की सीनियर टीम में उनका डेब्‍यू फरवरी 2018 में हुआ विजय हजारे ट्रॉफी के साथ हुआ था।

 

 

विजय हजारे ट्रॉफी में 10 विकेट झटकने के बाद आए थे सुर्खियों में

मयंक मार्कंडेय पहली बार उस समय सुर्खियों में आए जब उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी 2017-18 में 10 और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पांच विकेट लिया था। उन्‍होंने 2013-14 में पंजाब की अंडर-16 टीम में डेब्‍यू किया था। डेब्‍यू में सात विकेट लेकर मार्कंडेय ने खूब वाहवाही बटोरी थी।

 

 

कोच की सलाह ने बदली जिंदगी

कम लोगों को ही पता होगा कि अपनी लेग स्पिन में बड़े-बड़े बल्लेबाजों को उलझाने वाला यह गेंदबाज पंजाब अंडर-14 में खेलने के दौरान तेज गेंदबाजी करता था। अगर उनके कोच ने उन्हें सही दिशा नहीं दी होती तो वह आज भी पेस बोलिंग ही कर रहे होते। हो सकता है इतना कामयाब नहीं होते। यह खुद कहना मयंक मार्कंडेय का कहना है। उन्होंने बताया, ‘बाली सर ने मुझसे कहा कि फास्ट बोलर बनने का सपना छोड़ दे। मेरे पास बहुत अच्छी फिजिक भी नहीं थी। उनकी यही सलाह मेरे लिए आशीर्वाद साबित हुई।’

 

 

घरेलू क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं मयंक

घरेलू क्रिकेट में पंजाब की ओर से खेलने वाले मयंक मार्कंडेय ने अब तक 7 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों में 2.77 के इकोनॉमी रेट से कुल 34 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान एक पारी में उनकी श्रेष्‍ठ गेंदबाजी 84 रन देकर 6 विकेट है। मयंक दो बार चार और तीन बार पांच विकेट ले चुके हैं। लिस्‍ट ए के 22 मैचों में मयंक के नाम 45 विकेट हैं जबकि 18 टी-20 में वो 20 विकेट ले चुके हैं।

 

 

IPL के बाद ऐसा रहा सफर
इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस की टीम में आने के बाद पिछले 15 महीने मयंक के लिए खास रहे हैं। उन्होंने लिस्ट-ए टी-20, IPL और रणजी ट्रोफी डेब्यू किया। यही नहीं, एक वर्ष के अंदर ही उन्होंने टीम इंडिया में अपनी जगह बना ली। वह पिछले रणजी सीजन में पंजाब के लिए सबसे अधिक विकेट लेने वाले बोलर रहे। उन्होंने 6 मैचों में 29 विकेट लिए। इस दौरान उनका औसत 23.24 रहा।

 

 

IPL ने यूं बदली मार्कंडेय की जिंदगी

देखा जाए तो यह सबकुछ इंडियन प्रीमियर लीग की टीम मुंबई इंडियंस में आने के बाद से हुआ है। 2018 में फ्रैंचाइजी ने उन्हें 20 लाख रुपये में खरीदा। सीजन के दौरान कप्तान रोहित शर्मा ने मयंक पर विश्वास जताया, जिसपर वह खरा भी उतरे, उन्होंने डेब्यू मैच में बेहद चतुराईभरी गुगली पर सीएसके के कप्तान एमएस धोनी का विकेट लेकर सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने 14 मैचों में 15 विकेट झटके।…Next

 

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