blogid : 7002 postid : 1389571

IPL के 6 रोमांचक मुकाबले, जिनमें आखिरी गेंद पर थम गई सांसें!

Posted On: 4 Apr, 2018 Sports में

क्रिकेट की दुनियाक्रिकेट की हर हलचल पर गहरी नजर के साथ उसके विविध पक्षों को उकेरता ब्लॉग

Cricket

1175 Posts

126 Comments

IPL के नए सीजन का क्रिकेट प्रेमियों को बेसब्री से इंतजार है। 7 अप्रैल से इस फटाफट टूर्नामेंट का आगाज होगा। 2008 में शुरू हुई इस प्रतियोगिता ने अपने 10 संस्‍करण पूरे कर लिए। पहले संस्‍करण से ही यह टूर्नामेंट जबरदस्‍त लोकप्रिय रहा। आईपीएल में चौकों-छक्‍कों की बारिश के साथ ही ग्‍लैमर का भी तड़का लगता है। इस टूर्नामेंट में रोमांच का लेवल भी काफी हाई रहता है। 10 साल में इस टूर्नामेंट में कई रोमांचक मैच खेले गए, लेकिन कुछ ऐसे मुकाबले हैं, जो अभी तक के आईपीएल इतिहास के सबसे रोमांचक मैच माने जाते हैं। आइये आपको ऐसे ही 6 रोमांचक मुकाबलों के बारे में बताते हैं, जिन्‍होंने दर्शकों की सांसें रोक दी थीं।

 

 

मुंबई इंडियंस बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स: साल 2011

 

 

22 मई 2011 को कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए मुकाबले में आखिरी ओवर तक किसी भी टीम की जीत के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता था। ओवर की शुरुआत से पहले कोलकाता जीत की मजबूत दावेदार दिख रही थी, लेकिन अंत में मुंबई इंडियंस ने मैच जीत लिया। आखिरी ओवर में जीत के लिए मुंबई को 21 रन बनाने थे। स्ट्राइक पर खड़े जेम्स फ्रैंकलिन ने बालाजी की चार गेंदों पर लगातार चार चौके मारे। अब मुंबई को आखिरी दो गेंदों में 5 रनों की जरूरत थी। पांचवीं गेंद पर फ्रैंकलिन को सिर्फ एक रन मिला। आखिरी गेंद पर क्रीज पर थे अंबाती रायडू। बालाजी की आखिरी गेंद पर रायडू ने जबरदस्‍त शॉट खेला और गेंद बाउंड्री पार करते हुए छह रनों के लिए चली गई। इसी के साथ इस रोमांचक मुकाबले में मुंबई ने कोलकाता को हरा दिया।

 

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू बनाम पुणे वॉरियर्स: साल 2012

 

 

17 अप्रैल 2012 को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू और पुणे वॉरियर्स के बीच हुए मैच का रोमांच भी जबरदस्‍त था। मुकाबला आखिरी ओवर की अंतिम गेंद तक गया, जिसे बैंगलुरू ने जीता। बैंगलुरू को आखिरी ओवर में 21 रनों की जरूरत थी। आखिरी ओवर फेंकने आए आशीष नेहरा और बल्लेबाज थे सौरभ तिवारी। तिवारी ने पहली गेंद पर एक रन लिया और स्ट्राइक एबी डिविलियर्स को दी। डिविलियर्स ने दूसरी गेंद पर चौका और तीसरी व चौथी गेंद पर लगातार दो छक्‍के जड़ दिए। अब दो गेंदों में सिर्फ चार रन चाहिए थे, लेकिन पांचवीं गेंद पर बैंगलुरू को सिर्फ एक रन ही मिला। इस तरह आखिरी गेंद पर 3 रनों की जरूरत थी और स्ट्राइक पर थे सौरभ तिवारी। नेहरा की आखिरी गेंद पर तिवारी ने छक्‍का जड़कर अपनी टीम को जीत दिला दी।

 

दिल्ली डेयरडेविल्स बनाम राजस्थान रॉयल्स: साल 2012

 

 

29 अप्रैल 2012 को दिल्ली और राजस्थान के बीच खेले गए मुकाबले ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों के साथ ही क्रिकेट प्रेमियों की सांसें रोक दी थीं। राजस्थान को अंतिम ओवर में जीत के लिए 12 रनों की जरूरत थी। गेंदबाजी पर थे उमेश यादव और स्‍ट्राइक थी अजिंक्य रहाणे के पास। उमेश की पहली गेंद डॉट बॉल रही और दूसरी गेंद पर सिर्फ एक रन मिले। अब स्ट्राइक पर थे साहा। तीसरी गेंद पर भी उमेश ने सिर्फ एक रन ही दिया। अब अंतिम 3 गेंदों पर राजस्थान को जीतने के लिए 10 रन चाहिए थे। चौथी गेंद पर रहाणे ने छक्‍का जड़ दिया। पांचवीं गेंद पर फिर से रहाणे ने अच्छा शॉट खेला और दौड़कर 2 रन बना लिए। आखिरी गेंद पर राजस्थान को जीत के लिए 2 रन चाहिए थे। उमेश यादव ने गेंद फेंकी और गेंद रहाणे के बल्ले से टच भी नहीं हुई, लेकिन दोनों बल्लेबाज रन लेने के लिए दौड़ गए। फील्डर ने फुर्ती दिखाते हुए साहा को रन आउट कर दिया और दिल्ली ने मुकाबले को 1 रन से जीत लिया।

 

चेन्नई सुपरकिंग्स बनाम दिल्ली डेयरडेविल्स: साल 2015

 

 

9 अप्रैल 2015 को खेले गए चेन्नई सुपरकिंग्स और दिल्ली डेयरडेविल्स के मुकाबले में भी रोमांच का लेवल हाई था। दिल्‍ली को जीत के लिए आखिरी ओवर में 19 रन चाहिए थे। गेंदबाज थे डैरेन ब्रावो और स्ट्राइक पर थे एलबी मॉर्केल। ब्रावो की पहली गेंद पर मॉर्कल ने चौका जड़ा और दूसरी गेंद पर एक रन ले लिया। अब स्ट्राइक पर आ गए इमरान ताहिर। तीसरी गेंद पर ब्रावो ने ताहिर को आउट कर दिया। विकेट के चक्कर में मॉर्केल एक बार फिर स्ट्राइक पर आ गए। चौथी गेंद पर मॉर्केल ने छक्‍का मारा। पांचवीं गेंद पर मॉर्कल ने बेहतरीन शॉट खेला, लेकिन रैना ने डाइव लगाकर गेंद को रोक लिया। हालांकि, इस बीच मॉर्केल ने 2 रन चुरा लिए। मैच की आखिरी गेंद से पहले धोनी और नेहरा के बीच लंबी बातचीत चली। आखिरी गेंद पर मॉर्केल ने फिर से शानदार शॉट खेला, लेकिन सिर्फ चौका ही मिल सका और इस तरह चेन्नई ने मात्र 1 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

 

राइजिंग पुणे सुपरजाइंट बनाम किंग्स इलेवन पंजाब: साल 2016

 

 

21 मई 2016 को किंग्स इलेवन पंजाब और राइजिंग पुणे सुपरजाइंट के बीच बेहद रोमांचक मुकाबला खेला गया। पुणे को पंजाब के खिलाफ आखिरी ओवर में जीत के लिए 23 रनों की दरकार थी। क्रीज में मौजूद थे महेंद्र सिंह धोनी और गेंदबाज थे अक्षर पटेल। पटेल की पहली गेंद पर धोनी एक भी रन नहीं ले पाए। पटेल ने अगली गेंद वाइड फेंकी। दूसरी गेंद पर धोनी ने दमदार छक्‍का मारा। तीसरी गेंद पर फिर से कोई रन नहीं बना। अब पुणे को जीत के लिए 3 गेंदों में 16 रनों की जरूरत थी। धोनी ने चौथी गेंद पर चौका और पांचवीं गेंद पर छक्‍का जड़कर उम्‍मीद कायम रखी। आखिरी गेंद पर 6 रन चाहिए थे। धोनी ने आखिरी गेंद पर शानदार सिक्‍स ठोककर टीम को बेहतरीन जीत दिला दी।

 

मुंबई इंडियंस बनाम राइजिंग पुणे सुपरजायंट: साल 2017 फाइनल

 

 

21 मई 2017, आईपीएल का फाइनल मुकाबला। 2017 के आईपीएल में राइजिंग पुणे सुपरजायंट ही एक ऐसी टीम थी, जो पूरे टूर्नामेंट में मुंबई को हराती आई थी। यही दोनों टीमें फाइनल में पहुंची। आखिरी ओवर में पुणे को जीत के लिए 11 रनों की जरूरत थी। रोहित ने अनुभवी जॉनसन को गेंद थमाई। ओवर की पहली गेंद पर चौका लगाने के बाद मनोज तिवारी अगली ही गेंद पर आउट हो गए। तीसरी गेंद पर स्मिथ ने कवर की तरफ शानदार शॉट लगाया, लेकिन गैप नहीं ढूंढ पाए और रायडु ने आसान कैच पकड़ा। अब पुणे को जीत के लिए दो गेंदो में 6 रनों की जरूरत थी। चौथी गेंद के लिए स्ट्राइकर वाशिंगटन सुंदर ने सिंगल लेकर डैन क्रिस्चियन को स्ट्राइक दे दी। पांचवीं गेंद पर क्रिस्चियन को सिर्फ दो रन मिले। आखिरी गेंद पर चार रनों की जरूरत थी। क्रिस्चियन शॉट लगाकर रन लेने के लिए दौड़े। बल्लेबाजों ने दो रन पूरे कर लिए और तीसरे रन के दौरान विकेटकीपर पार्थिव ने क्रिस्चियन को रन आउट कर मुंबई इंडियंस को चैंपियन बना दिया…Next

 

Read More:

ऐसी फोन कॉल आने पर रहें अलर्ट, नहीं तो बैंक अकाउंट हो जाएगा खाली!

बॉलीवुड के वो 6 सितारे, बड़े घोटालों से जुड़े जिनके नाम!

विराट कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बन सकती है चैंपियन, ये है बड़ी वजह

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग