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चुनाव के पहले के बजट के सपने और चुनाव परिणाम के बाद बजट की हकीकत

Posted On: 17 Mar, 2012 Others में

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12291575वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सातवां बजट (मुख्‍य बातें) पेश कर दिया है ये तो भला हो सचिन का जिसके शतक ने एक बार तो बजट की मार पर मरहम का काम किया पर बजट की मार तो आगे भी दर्द देगी ..

बहुत सपने दिखाए चुनाव के पहले और चुनाव के परिणाम के बाद बजट की घोषनाए,,,करते ही सारी हकीकत सामने आ गई माध्यम वर्ग पर मार सबसे ज्यादा ,टेक्स बदने के बाद हर चीज़ के दम बढ जायेंगे ,सरकार कैसे चलेगी अगर टेक्स नहीं बढेगा तो ?पेट्रोल के दाम बढ गए तो माध्यम वर्ग भुगतने के लिए है !वातानुकूलित कमरे में बैठकर नियम बनाने वाले इन नेताओं और अधिकारीयों के पेट्रोल का खर्चा तो सरकार वहन करती है ,इनकी जेब से क्या गया …इनकी जेब भरने के लिए सारी वसूली जनता की जेब से होती है

गरीब को क्या मिला

सर्विस टैक्‍स में 2 फीसदी की बढोतरी के साथ सर्विस टैक्‍स 12 फीसदी हुआ।वित्‍त मंत्री जी का कहना है टेक्स नहीं बढेगा तो सरकार कैसे चलेगी !

अब कुछ सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाओं पर सर्विस टैक्‍स लगेगा। होटल-रेस्‍टोरेंट में खाना, जिम, कोचिंग, फोन बिल, टीवी, फ्रिज, एसी, सीमेंट महंगा हुआ है। गोल्‍ड, डायमंड, प्‍लेटिनम, सिगरेट, पान मसाला, गुटखा के दाम भी बढ़ेंगे।बजट की बजट की घोषणा के बाद जाईये बाजार कुछ खरीद कर तो देखिये .हर चीज़ के दाम बड़े हुए ही मिलेंगे

पेट्रोल महंगा होने के भी पूरे आसार हैं।पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे तो सबसे पहली मार माध्यम वर्ग पर होगी,क्यूंकि उनकी गाड़ी पानी से नहीं चलती .! नेताओ और अधिकारियो के पेट्रोल का खर्चा तो वैसे भी सरकार वहन करती है !

काले धन पर श्‍वेत पत्र आएगा।……….कितने श्‍वेत पत्र आये और कितने काले हुए इसका हिसाब तो सरकार के पास भी नहीं है सबसे बड़ी बात विदेशो में जमा काला धन किसका है ,क्या जनता का .?….ये धन भी तो इन्ही नेताओ का है …

इस साल के बजट में एक्‍साइज ड्यूटी में भी दो फीसदी का इजाफा किया गया है। जिन चीजो के दाम नहीं बढ़ेंगे। उन्हें भी बाजार में जाकर खरीद कर देखिये तो असलियत सामने आएगी


आयकर छूट की सीमा बढ़ी,पर कितनी ……इससे कोई राहत नहीं मिलने वाली ,पहले की

आयकर में छूट की सीमा बढ़ाकर 2 लाख से बदकार ६ लाख करने का सपना चुनाव परिणाम आते ही धरा रह गया !


इनके राजीव गांधी इक्विटी योजना में निवेश पर 50 फीसदी कर छूट मिलेगी। शेयर बाजार में 50 हजार के निवेश पर 25 हजार टैक्‍स छूट मिलेगी। लघु बचत योजनाओं को हतोत्साहित किया जा कर सरकार निम्न आय वर्ग के साथ तो पहले ही खिलवाड़ कर चुकी है ! शेयर बाजार में निवेश के लिए मोटी रकम चाहिए जो गरीब वर्ग कहा से लायेगा !अपनी कम आमदनी से लघु बचत योजनाओ में निवेश में अपना भविष्य सुरक्षित करने का सपना तो( ब्याज दरे कम कर ) पहले ही तोड़ चुकी है !अभिकर्ताओ को दिया जाने कमीशन बंद कर अभिकर्ताओ का रुझान भी शेयर और जीवन बीमा योजनाओ की तरफ होने से लघु बचत योजनाओ में निवेश हतोत्साहित हुआ है


दिसंबर 2012 तक पीडीएस की नई स्‍कीम लागू होगी। पीडीएस नेटवर्क कंप्‍यूटरीकृत होगा। इंदिरा गांधी पेंशन योजना के तहत दी जाने वाली राशि 200 से बढ़ाकर 300 रुपये हर महीने कर दी गई है। छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लोन के लिए क्रेडिट गारंटी फंड की व्‍यवस्‍था की जाएगी। क्या कहने है .. आज एक आई ए एस को अपने बच्चो की शिक्षा के लिए भरी गई फीस का पुनर्भरण किया जाता है मगर गरीब लोन लेकर अपनी शिक्षा पूरी करेगा !कितने  साल हो गए बेरोजगार  लोगो के लिए मंत्रालयिक परीक्षाये नहीं हो रही परिणाम स्वरूप  नियुक्ति नहीं हो रही ,अधिकार वर्ग की लिए हर साल  परीक्षाये होती है और उनकी खेप   बढ़ा दी जाती है  ,बेरोजगार कहा जाये इसका कोई इलाज है बजट में ?


इंदिरा गांधी पेंशन योजना के तहत विधवा और विकलांग मासिक पेंशन 200 से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। एक गेस  सिलेंडर भी ४०० रुपये का आता है वाही 300 रुपये में पूरा महिना गुजारना  है ! वहीं बीपीएल परिवार के मुखिया की मौत पर 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। उनको जीने के लिए 20 हजार नहीं दिए जा सकते, मरने पर दिए जायेंगे ,यही नियति है गरीब की !



प्रणब जी ने कहा कि अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार की उम्‍मीद थी पर नहीं हुई और होगी भी नहीं ..


सरकार का घाटा लक्ष्‍य से 1.25 फीसदी ज्‍यादा हुआ है। सब्सिडी से सरकारी घाटा बढ़ा है, और धीरे धीरे हर चीज़ की सब्सिडी समाप्त होती जाएगी जिसका सीधा असर मध्यम वर्ग उअर गरीब वर्ग पर ही पड़ेगा !अगले साल महंगाई दर और कम होगी-किसी ने देखा है गत वर्ष की तुलना में महगाई कम हुई हो या किसी चीज़ के दाम कम हुवे हो हर साल हर चीज़ के दाम बड़ते ही है कम नहीं होते !

तेल सब्सिडी में कटौती के संकेत हैं…….जिसकी मार किस पर पड़ेगी ये भी सोचने की बात है ! सरकार खाद्य सुरक्षा कानून के लिए पैसा जुटाएगी। साल 2012-13 में 30 हजार करोड़ रुपये विनिवेश का लक्ष्‍य रखा गया है। 60 हजार करोड़ के इंफ्रास्‍टक्‍चर बॉन्‍ड जारी किए जाएंगे। ये बॉन्‍ड टैक्‍स फ्री होंगे। ये पैसा कहा से आएगा ,जनता की जेब से, हर चीज़ के दाम बढेंगे तो सरकार की जेब भरेगी

योजनाएं बनती है उसका फायदा किसको होता है आपको हुआ ..? पता नहीं किसे होता है ……ये सब सरकारी जादू है जिसके दायरे में केवल नेता और आला अधिकारी आते है ,गरीब और आम जनता तो उस जादू के असर से नीचे ही रह जाते है


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