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Love Tips in Hindi: यह इश्क नहीं आसां

Posted On: 7 Jul, 2011 Others में

Dating Tipsजिन्दगी का महकता गुलदस्ता

राहुल

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बड़ा मुश्किल होता है किसी की याद में दिन रात रहना. मोबाइल की स्क्रीन पर हमेशा नजर रखना की कहीं किसी का फोन तो नहीं आ गया, फोन में बैलेंस का झंझट तो डेट पर बिल की प्रॉब्लम. यार यह सब इश्क के बाजार के नए रोग हैं. इश्क (Love) में नींद का ना आना, यादों में खोना और तन्हाई सताना तो अब पुराना हो गया है. अब जमाना हाइटेक (High-Tech) है जनाब.


हमारे एक मित्र है सन्नी जी. साथ ही काम करते हैं हमारे. भाई साहब को इश्क की दरिया को आग से नहीं दिल्ली से मुंबई तक लांघ के पार करना पड़ता है. छह महीने यहां दिल्ली में रगड़ते हैं फिर आराम से 15 दिन मुंबई में लुट कर आते हैं. अब यह इश्क ही है जो उनसे यह काम करवा रहा है. कहते हैं इश्क में दिमाग खराब हो जाता है. वैसे दोनों ने “सिर्फ तुम” फिल्म को लगता है हजारों बार देखी है लेकिन साथ में आज के जमाने का फ्लेवर है इसलिए मिलने के लिए पहुंच जाते हैं जनाब मुंबई शहर.


इश्क (Love) में ऐसे जले हुए दिलों की कहानी (Story of Heart) बहुत लंबी है. कइयों का मानना है कि इश्क होने के बाद से उनके मोबाइल के बिल में 50% का इजाफा हो जाता है. वैसे इस 50% का हिसाब घरवालों को देने में कैसे-कैसे बेलन बेलने पड़ते हैं वह मुझे भी मालूम है पर मोबाइल के साथ जो अलग के खर्चे होते हैं वह तो और भी जेब हलकी कर जाते हैं.


जेब पर इश्क (Love) भारी पड़ता है तब तक तो ठीक है लेकिन जब इश्क (Love) इमोशनल अत्याचार (Emotional Atyachar) करने पर अमादा हो जाता है तो मत कहिए. साला रात को फोन नहीं उठाया तो दिन में लड़की पक्का लड़के को उठा देती है, फोन बिजी हो तो सवालों की झड़ी बनती ही है और गलती से किसी और लड़की के साथ दिखे तो टाटा बाय बाय. यही सब लड़के भी लड़कियों के साथ करते हैं लेकिन लड़कियों द्वारा सताए गए लड़कों की संख्या ज्यादा है इसलिए यह एक लड़का-प्रधान टाइप ब्लॉग था.


आपको क्या लगता है इश्क आसान हैं और अगर हां तो प्लीज कुछ टिप्स दे दीजिए हम लोगों को भी प्लीज ……………!.


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