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Pritam: धुन को चुराकर एक नया फ्लेवर देना तो कोई इनसे सीखे

Posted On: 13 Jun, 2013 Others में

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100 साल के सिनेमा के इतिहास में ऐसे कई संगीतकार हुए हैं जिन्होंने अपनी मधुर और दिलकश धुनों की बदौलत दर्शकों के दिलों पर एक अलग ही अमिट छाप छोड़ी है. उनके द्वारा दिए गए संगीत के गाने आज भी गुनगुनाए जाते हैं लेकिन इसी सिनेमा में ऐसे कम ही संगीतकार हुए हैं जिन्होंने दूसरों के धुन को चुराकर एक नया फ्लेवर देकर न केवल उसे फिल्मों में शामिल किया बल्कि उसे यादगार बना दिया. इन्हीं सगीतकारों में से एक हैं प्रीतम चक्रवर्ती जो बॉलीवुड में प्रीतम (Pritam) के नाम से मशहूर हैं.


pritamसंगीत चोरी का आरोप

संगीत निर्देशक प्रीतम (Pritam) का जब भी नाम लिया जाता है तो जहन में एक ऐसे व्यक्ति की छवि उभरती है जो किसी भी गाने को तोड़-मरोडकर उसे सुपरहिट करने की काबीलियत रखता है. दरअसल प्रीतम पर संगीतों के धुन की चोरी के आरोप लगते रहे हैं. फिल्म ‘लव आज कल’ का गाना (आहूं आहूं आहूं) दरअसल पाकिस्तान की गायिका नसीबो लाल का मशहूर गाना है.


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प्रीतम का जीवन और शिक्षा (Pritam life and education)

आज बॉलीवुड में निर्देशकों के लिए सबसे पसंदीदा संगीतकार माने जाने वाले प्रीतम (Pritam) का जन्म 14 जून, 1971 को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में हुआ. प्रीतम के पिता प्रबोध चक्रवर्ती संगीत के जानकार हैं जो बच्चों के लिए एक संगीत विद्यालय चलाते हैं. प्रीतम ने संगीत में अपना प्रारंभिक प्रशिक्षण अपने पिता से प्राप्त किया है. प्रीतम बहुत ही कम उम्र में कई तरह के वाद्य यंत्र बजाना सीख गए थे. सेंट जेम्स स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा और प्रेसीडेंसी कॉलेज से अपने कॉलेज की शिक्षा पूरी करने के बाद प्रीतम ने अपना पूरा ध्यान संगीत की ओर लगा दिया. इसलिए उन्होंने जनवरी 1993 में साउंड रिकॉर्डिंग और साउंड इंजीनियरिंग कोर्स करने के लिए पुणे में फिल्म और टेलीविजन संस्थान (FTII) में दाखिला लिया. इस दौरान उन्हें कई छोटे-बड़े संगीत की रचना करने का मौका मिला.


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प्रीतम का फिल्मी कॅरियर (Pritam Career)

पुणे की फिल्म और टेलीविजन संस्थान से अपनी शिक्षा पूरी करने बाद प्रीतम ने माया नगरी मुंबई की ओर रुख किया. शुरुआत में उन्होंने कई युवाओं के साथ मिलकर विज्ञापन के लिए काम करना शुरू किया. बाद में उनकी जोड़ी चन्द्रजीत गांगुली, जिन्हें जीत के नाम से भी जाना जाता है, के साथ बनी. बॉलीवुड में प्रीतम को पहला मौका फिल्म ‘तेरे लिए’ में मिला. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पिट गई लेकिन जीत और प्रीतम के संगीत को काफी पसंद किया गया. इसके बाद जीत और प्रीतम की जोड़ी को 2002 में आई यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी ‘मेरे यार की शादी है’ में मौका मिला. इस फिल्म के सभी गाने लोकप्रिय हुए. इसके कुछ समय बाद जीत और प्रीतम की जोड़ी एक-दूसरे से अलग हो गई.


प्रीतम का संगीत (Pritam Music)

प्रीतम को बॉलीवुड में असली पहचान संजय गढ़वी की फिल्म ‘धूम’ से मिली. उस समय इस फिल्म के सभी गाने दर्शकों की जुबान पर थे. इसके बाद प्रीतम ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा. ‘गरम मसाला’, ‘धूम 2’ ‘गैंगेस्टर’ ‘सिंह इज किंग’, ‘किस्मत कनेक्शन’, ‘जब वी मेट’, ‘रेस’, ‘बिल्लू’, ‘लव आज कल’, ‘गोलमाल रिटर्न’, ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’, ‘राजनीति’, ‘खट्टा मीठा’, ‘वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई’ में संगीत देकर यादगार बना दिया. उनकी हाल की फिल्मों में ‘देशी ब्वायज’, ‘जन्नत 2’, ‘एजेंट विनोद’, ‘कॉकटेल’, ‘बर्फी’ और ‘ए जवानी है दीवानी’ रही जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर काफी धमाल मचाया.


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