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World Music Day: विश्व संगीत दिवस

Posted On: 21 Jun, 2012 Others में

Special Daysव्रत-त्यौहार, सितारों के जन्म दिन, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय महत्व के घोषित दिनों पर आधारित ब्लॉग

महत्वपूर्ण दिवस

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World Music Day 2012

संगीत सिर्फ सात सुरों में बंधा नहीं होता. इसे बांधने के लिए विश्व की सीमाएं भी कम पड़ जाती हैं. संगीत दुनिया में हर मर्ज की दवा मानी जाती है. यह दुखी से दुखी इंसान को भी खुश कर देती है, संगीत का जादू एक मरते हुए इंसान को भी खुशी के लम्हे दे जाता है.


संगीत दुनिया में हर जगह है. अगर इसे महसूस करें तो दैनिक जीवन में संगीत ही संगीत भरा है कोयल की कूक, पानी की कलकल, हवा की सरसराहट हर जगह संगीत ही तो है बस जरूरत है तो इसे महसूस करने की. अपनी जिंदगी के व्यस्त समय से कुछ पल सुकून के निकालिए और महसूस कीजिए इस संगीतमय दुनिया की धुन को. संगीत मानव जगत को ईश्वर का एक अनुपम दैवीय वरदान है. यह न सरहदों में कैद होता है और न भाषा में बंधता है. माना हर देश की भाषा, पहनावा और खानपान भले ही अलग हों, लेकिन हर देश के संगीत में सभी सात सुर एक जैसे होते हैं और लय-ताल भी एक सी होती है.


संगीत हर इंसान के लिए अलग मायने रखता है. किसी के लिए संगीत का मतलब अपने दिल को शांति देना है तो कोई अपनी खुशी का संगीत के द्वारा इजहार करता है. प्रेमियों के लिए तो संगीत किसी रामबाण या ब्रह्मास्त्र से कम नहीं.


World Music Day

संगीत की विभिन्न खूबियों की वजह से ही विश्व में संगीत के नाम एक दिन है. यह संगीतज्ञों व संगीत प्रेमियों के लिए बहुत ही खुशी की बात है. प्रत्येक वर्ष 21 जून को विश्व संगीत दिवस मनाया जाता है. विश्व संगीत दिवस को ‘फेटे डी ला म्यूजिक’ (Fête de la Musique) के नाम से भी जाना जाता है. इसका अर्थ म्यूजिक फेस्टिवल है. इसकी शुरुआत 1982 में फ्रांस में हुई. इसको मनाने का उद्देश्य अलग-अलग तरीके से म्यूजिक का प्रोपेगैंडा तैयार करने के अलावे एक्सपर्ट व नए कलाकारों को एक मंच पर लाना है.


Music in today’s World

वर्तमान समय में संगीत एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जो व्यक्ति को शारीरिक-मानसिक रोगों व व्याधियों से मुक्ति प्रदान करता है. कॅरियर के नजरिए से संगीत का क्षेत्र असीम संभावनाओं से भरा है. देश में आये दिन बढ़ते चैनलों ने युवाओं के लिए संगीत के क्षेत्र में काफी संभावनाएं पैदा की हैं. लोगों में जहां एक ओर डाक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर आदि बनने की ख्वाहिश रहती है, वहीं आज बदले परिवेश में गायक, वादक व नर्तक बनने की चाहत रखने वालों की भी तादाद बढ़ी है.


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