blogid : 14778 postid : 706433

सपने

Posted On: 21 Feb, 2014 Others में

CHINTAN JAROORI HAIजीवन का संगीत

deepak pande

174 Posts

948 Comments

मैंने कुछ सपने देखे थे
अपने जीवन की
खुशहाली के
फिर किया प्रयास
उनको पूरा करने का
कुछ सपने पूर्ण हुए
कुछ अधूरे रह गए
टूटे सपनों ने हताश किया
सच हुए सपनों ने खुशीयां दी
मगर फिर भी मैं
खुश न हो सका
आज भी मैं सपने देखता हूँ
आज मैं बहुत खुश हूँ
फर्क सिर्फ इतना है
अब मैंने अपने लिए नहीं
दूसरों के लिए सपने देखना
शुरू कर दिया है
सपने उस बीज के लिए
जो मन में सम्पूर्ण
वृक्ष बनने की आशा रखता है
उस उड़ते पंछी के लिए
जो भरी दोपहरी में
पानी की तलाश में
भटकता है और फिर
उन्मुक्त गगन में उड़ने
की आशा रखता है
सपने गर्भ में पलती
उन मासूम कलियों के लिए
जो इस संसार में
आना चाहती हैं
सपने उन निर्झरों के लिए
जो वृक्षों के अनियमित कटान
से सूखते जा रहे हैं
सपने उन बच्चों की
खातिर जो पाठशाला
जाना चाहते हैं
मगर सुबह से ही
मजदूरी करने को
अभिशप्त हैं
सपने उन लहलहाते खेतों
की खातिर जो
जमीन माफिआओं द्वारा
बंटकर बंजर हो रहे हैं
तो आओ आज से कुछ
ऐसे ही विचित्र सपने देखें
उन्हें पूर्ण करने का
छोटा ही सही मगर
प्रयास करें
फिर ये महसूस करें
कि जितनी ख़ुशी
इन सपनों के संपन्न
होने में हुई
इतनी शायद आज तक
कभी महसूस नहीं हुई

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग