blogid : 488 postid : 1384610

सैनिकों का मानवाधिकार

Posted On: 10 Feb, 2018 Others में

***.......सीधी खरी बात.......***!!!!!!!!!!!! मेरी हर धड़कन भारत के लिए है !!!!!!!!!!

डॉ आशुतोष शुक्ल

2165 Posts

790 Comments

7f1e4e5524e14c06a011f8086a8b75e9-780x493

यह अच्छा ही हुआ कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस बात पर विचार करने के लिए सैन्य अधिकारियों के तीन बच्चों की मांग को स्वीकार कर रक्षा मंत्रालय से जवाब माँगा है और यह भी पूछा है कि सैनिकों के मानवाधिकार को सुरक्षित रखने के बारे में सरकार और रक्षा मंत्रालय की क्या नीति है ? आज जब कश्मीर समेत देश के हर हिस्से में सुरक्षा बलों और पुलिस के साथ आम नाराज़ लोगों, माओवादियों, आतंकियों और आतंक का समर्थन करने वाले पत्थर बाज़ों से निपटने में सरकारें बिना किसी नीति के काम कर रही हैं तो क्या इस परिस्थिति में अब यह सोचना का समय नहीं है कि सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस में भी हमारे देश के जवान ही भर्ती होते हैं जो विषम परिस्थितियों में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते रहते हैं तो क्या उनके भी आम मानव का जैसे अधिकारों का ध्यान नहीं रखा जाना चाहिए ? सोचा जाना चाहिए कि क्या पत्थरबाजों से अपनी जान बचाने के लिए आत्मरक्षा में चलायी गयी गोलियों में पत्थरबाजों के मरने पर सैन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ करना उचित है ? अब समय आ गया है कि सरकार स्पष्ट करे और यदि इस दिशा में अभी तक देश में कोई नीति नहीं है तो संसद में अविलम्ब एक विधेयक लाकर हमारे जवानों की सुरक्षा और मानवाधिकारों की रक्षा करने वाले कानून को पारित कराये जिससे देश की सीमा और अशांत क्षेत्रों में काम करने वाले सैनिकों समेत उनके परिवार के लोग भी राजनैतिक दबाव या लाभ में दर्ज़ होने वाले मुक़दमों से बच सकें .

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग