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जान ले लेता है ये पलकें झुकाना आपका

Posted On: 1 May, 2012 Others में

दिल की बातें दिल सेdrsuryabali.com

डॉ॰ सूर्या बाली "सूरज"

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इस क़दर अच्छा नहीं मुझको सताना आपका॥

जान ले लेता है ये पलकें झुकाना आपका॥

आपके आने से हो जाती है ए महफिल जवां,

तोड़ देता दिल सभी का दूर जाना आपका॥

ज़िंदगी भर के लिए एहसान मुझ पे कर गया,

कल दुपट्टे में छुपा के जाम लाना आपका॥

मेरा क्या मैं तो यहाँ पे हूँ मुसाफिर की तरह,

सारी महफिल आपकी सारा ज़माना आपका॥

आशिक़ों की जान का दुश्मन बना है आजकल,

बन संवर के यूं गली में आना जाना आपका॥

जान ले लेती हैं ये क़ातिल निगाहें आपकी,

दिल को बिस्मिल कर दिया हैं मुस्कुराना आपका॥

दिल के दरवाजे खुले है शौक़ से आ जाइए,

हो गया है दिल मेरा अब तो ठिकाना आपका॥

आपका क्या जाएगा बस इक नज़र तो देख लो,

ज़िंदगी पा जाएगा फिर से दिवाना आपका॥

आज फिर बरसात का “सूरज” ये मौसम आ गया,

मार न डाले कहीं ये भीग जाना आपका॥

डॉ. सूर्या बाली “सूरज”

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