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Biography of Amrita Rao: थम गया अमृता राव का जादू

Posted On: 7 Jun, 2012 Bollywood में

खजाना मस्तीजब हों अकेले और उदास कर लें थोड़ी मस्ती से मुलाकात

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amrita raoBiography of Amrita Rao

बॉलीवुड में ऐसी अनेक अभिनेत्रियां हैं जो हवा के झोंके की तरह फिल्मों की दुनिया मे दस्तक तो देती हैं लेकिन कब उनकी लोकप्रियता धूमिल हो जाती है किसी को पता भी नहीं चलता. इश्क-विश्क और मै हूं ना जैसी सफल फिल्मों में काम करने वाली अभिनेत्री अमृता राव का हाल भी कुछ ऐसा ही है. अमृता राव ने जब अभिनय की रेस में कदम रखा था तो उस समय सबको यही लग रहा था कि आने वाले वक्त में वह एक सफल अभिनेत्री बनेंगी लेकिन ऐसा न होकर वह धीरे-धीरे दर्शकों की नजरों से दूर हो गईं.


अभिनेत्री अमृता राव (Amrita Rao)  का जन्म 7 जून, 1981 में मुंबई (Mumbai)  के चित्रपुर सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था.बचपन से ही उनका फिल्मों की तरफ रुझान था.


मुंबई में पढ़ी लिखी अमृता ने सोफिया कॉलेज से अपनी स्नातक की शिक्षा प्राप्त की. अमृता राव की बड़ी बहन प्रतिका राव (Pratika Rao)  एक मॉडल हैं. अमृता राव ने कॉलेज के दिनों से ही मॉडलिंग (Modelling)  शुरु कर दी थी. सोफिया कॉलेज में फेयरएवर फेस  क्रीम (Fairever Face Cream)  के लिए ऑडिशन में उन्हें चुना गया. इसके बाद अमृता ने पर्क (Perk)  और ब्रु (Bru) जैसी कंपनियों के उत्पादों के लिए एड किए जिसकी वजह से बॉलिवुड (Bollywood)  में उनके लिए रास्ता खुल गया.


साल 2002 में फिल्म “अब के बरस” से अमृता राव (Amrita Rao)  ने अपने फिल्मी कॅरियर (Film Career) की शुरुआत की. और इसके बाद साल 2003 की फिल्म “इश्क-विश्क”  (Ishq-Vishq) से उन्हें पहचान मिलनी शुरु हुई. इश्क-विश्क की सफलता के बाद अमृता की पहचान एक सिपंल एंड स्वीट हिरोइन की तरह बन गई. “मस्ती”, “मैं हूं ना”, “वाह लाइफ हो तो ऐसी” जैसी फिल्मों ने उनके कॅरियर को आगे बढ़ाने में मदद की.


साल 2006 में आई “विवाह” अमृता राव की सबसे सफल फिल्म रही. इस फिल्म के लिए उन्हें दादा साहब फाल्के अकेडमी पुरस्कार भी मिला. “विवाह” के बाद अमृता की छवि गर्ल नेक्सट डोर की बन गई और उनके पास ऐसे कई ऑफर आने लगे जिनमें सीधी साधी लड़की का किरदार था. हालांकि अब अमृता खुद अपनी सिंपल छवि से तंग आ गई हैं. हाल ही में उन्होंने एक हॉट फोटोशूट करवाया और दिखा दिया कि वह भी ग्लैमरस रोल करने की क्षमता रखती हैं.


लेकिन ऐसा लगता नहीं कि निर्देशक (Director) उनकी सिंपल छवि के अलावा उनसे कुछ ज्यादा और चाहते हैं और साल 2011 में आई “लव यू मि. कलाकार” में एक बार फिर वह सिंपल रोल में नजर आ रही हैं.


“इश्क-विश्क” और “मैं हूं ना” के लिए उन्हें दो बार फिल्मफेयर (Filmfare) में नामांकित जरुर किया गया पर वह पुरस्कार जीत नहीं पाई. “इश्क-विश्क” के लिए फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस (Best Debut Actress)  तो “मैं हूं ना” (Main Hoon Na) के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस (Best Supporting Actress) के लिए उन्हें नामांकित किया गया था.


फिल्मोग्राफी

“इश्क-विश्क”, “मैं हूं ना”, “प्यारे मोहन”, “मस्ती”, “विवाह”, “वेलकम टू सज्जनपुर”, “लाइफपार्टनर”, “लव यू मि. कलाकार”.


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